कशिश यादव।
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पहलवानी में पुरुष परंपरा को आगे बढ़ा रही है बेटी
पहलवानी खानदान की परंपरा को आगे बढ़ा रही है कशिश। कुश्ती में कभी दादा, ताया, पिता और चाचा की तूती बोलती थी। मगर अब इसी परंपरा को आगे बढ़ा रही बेटी। कशिश के परिवार में उनके दादा, ताया, पिता और चाचा राष्ट्रीय प्रतियोगिता सहित यूपी, पूर्वांचल और बनारस केसरी का खिताब जीता। अब इसी परंपरा को आगे कशिश ने बढ़ाया है। राष्ट्रीय स्तर तक लड़ चुके पिता विनोद ने दूध बेचकर बेटियों को दंगल गर्ल बनाने की ठानी तो बेटियों ने भी पिता को निराश नहीं किया। हाल ही में मेरठ की महिला पहलवान को पटखनी देकर कशिश यादव ने 61 किलो भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीता। जो यूपी कुश्ती संघ की ओर से नोएडा में राज्य स्तरीय सब जूनियर प्रतियोगिता हुई थी। दो बहनों में छोटी साकेत नगर निवासी 16 वर्षीय कशिश अपने पांच वर्ष के कुश्ती कॅरियर में स्कूली स्टेट, जूनियर स्टेट में दो बार स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। इसके अलावा स्कूली नेशनल 2019 में दमखम दिखा चुकी है। जबकि बड़ी बहन काजल पढ़ाई लिखाई में जुटी है। कोरोना काल से पूर्व कशिश सिगरा स्टेडियम में अभ्यास करती थी। अब बीएचयू में कोच हरिराम की निगरानी में अभ्यास करती है। कशिश के चाचा मुकेश यादव का कहना है अभी तक हमारे खानदान में पहलवानी में पुरुषों का वर्चश्व था। मगर अब इस परंपरा को खानदान की बेटी आगे बढ़ा रही है।