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मेक इन इंडिया में जुड़ा एक नया अध्याय, भारत को मिला सुपर कंप्यूटर 'परम शिवाय', जानें इसकी खूबियां

Sat, 23 Feb 2019 10:34 AM IST
Sayali Maurya न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा चलाई गई योजना डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया आज एक नए मुकाम पर पहुंच गई है। भारत में निर्मित 833 टेराफ्लॉप क्षमता का पहला सुपर कंप्यूटर का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी के आईआईटी बीएचयू में किया। इसके साथ ही शोध के क्षेत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया गया है। आगे की स्लाइड्स में जानें सुपर कंप्यूटर की खूबियां... 
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डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय सुपर कंप्यूटिंग मशीन(एनएसएम) के तहत यह सुविधा को आईआईटी बीएचयू में शुरू की गई है। संस्थान के निदेशक प्रोफेसर प्रमोद कुमार जैन ने कहा कि सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड  कंप्यूटिंग (सी-डैक) ने एनएसएम श्रृंखला के तहत के 833 टेराफ्लॉप क्षमता का प्रथम परकंप्यूटर 'परम शिवाय' का विकास और निर्माण कर लिया है। 
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- फोटो : twitter
जिस अनुसंधान को पूरा करने में महीनों का वक्त लगता था उसे इस सुपरकंप्यूटर की मदद से घंटों या मिनटों में पूरा किया जा सकेगा। बताया कि इसका लाभ आईआईटी (बीएचयू) और बीएचयू के संकाय सदस्यों, वैज्ञानिकों और शोध छात्रों को तो मिलेगा ही, इसके अलावा पूर्वी यूपी के आसपास के इंजीनियरिंग कॉलेज के वैज्ञानिकों, शिक्षकों और शोध छात्रों, सरकारी शोध प्रयोगशालाओं में चल रही राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं को 40 प्रतिशत कंप्यूटर पॉवर दी जाएगी। 

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- फोटो : PTI
इसके अलावा नवोदय विद्यालय के छात्रों को बेसिक सुपरकंप्यूटिंग से परिचित कराया जाएगा और आम आदमी से संबंधित प्रासंगिक सामाजिक समस्याओं जैसे सिंचाई योजना, यातायात प्रबंधन, स्वास्थ्य, सस्ती दवाओं की खोज आदि का भी निवारण किया जाएगा। मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसी नेशनल सुपर कप्यूटिंग मशीन 'परम शिवाय' का लोकार्पण किया।
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- फोटो : amar ujala
इन क्षेत्रों में होगा 'परम शिवाय' का उपयोग : वैज्ञानिक क्षेत्रों में स्वदेशी सुपरकंप्यूटर सॉफ्टवेयर का विकास किया जाएगा। सुपरकंप्यूटर प्रोग्राम के तहत मानव संसाधन को प्रशिक्षण दिया जाएगा। जलवायु मॉडलिंग, मौसम की भविष्यवाणी, अंतरिक्ष इंजीनियरिंग, भूकंपीय विश्लेषण, वित्त, आपदा सिमुलेशन और प्रबंधन वृहद डाटा एनालिटिक्स, सूचना संग्रह आदि कई क्षेत्रों में सिमुलेशन और माडेलिंग का अनुप्रयोग किया जाएगा।
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