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बम-बम बोल रहा है काशी: ज्ञानवापी प्रकरण पर फैसले के बाद हिंदू पक्ष में खुशी की लहर, तस्वीरों में देखें माहौल

Mon, 12 Sep 2022 05:39 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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ज्ञानवापी मामले में वाराणसी कोर्ट का बड़ा फैसला - फोटो : अमर उजाला
आखिर वो घड़ी आ ही गई जिसका इंतजार था। बहुचर्चित ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी प्रकरण में सोमवार दोपहर जिला जज की अदालत ने फैसला सुना दिया। जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने मुस्लिम पक्ष यानी अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी के प्रार्थना पत्र को अपने फैसले में खारिज कर दिया। इसके साथ ही अदालत ने प्रकरण के आगे भी सुनवाई जारी रहने की जानकारी देते हुए अगली तिथि 22 सितंबर तय कर दी। अदालत के इस फैसले की जानकारी होते ही हिंदू पक्ष के लोगों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी।

अदालत परिसर के बाहर मौजूद लोगों ने हर-हर महादेव का उद्घोष किया। एक दूसरे का मुंह मीठा कराया। अदालत के फैसले के बाद हिंदू पक्ष के वकील हरिशंकर जैन, विष्णुशंकर जैन समेत वादी और अन्य अधिवक्ता काशी विश्वनाथ धाम पहुंचे। सभी ने बाबा विश्वनाथ की पूजा-अर्चना की। उधर, इस फैसले के खिलाफ मुस्लिम पक्ष हाईकोर्ट जाने की तैयारी कर रहा है।
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अदालत के फैसले पर जश्न मनातीं महिला वादी - फोटो : अमर उजाला
ज्ञानवापी परिसर स्थित श्रृंगार गौरी के नियमित दर्शन-पूजन के मामले में सोमवार को फैसला आने के बाद कोर्ट में याचिका दायर करने वाली याची महिलाएं खुशी से झूम उठीं। फैसला सुनने के बाद उन्होंने हर-हर महादेव का जयघोष किया। इसके साथ ही बम-बम बोल रहा है काशी पर झूम उठीं। 
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मुस्लिम महिलाओं ने उतारी भगवान शिव की आरती - फोटो : अमर उजाला
ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी प्रकरण में अदालत के फैसले के बाद लमही के सुभाष भवन में मुस्लिम महिलाओं ने भगवान शिव की आरती उतारी। मुस्लिम महिला फाउंडेशन की नेशनल सदर नाजनीन अंसारी के नेतृत्व में कार्यक्रम का आयोजन हुआ। 

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वाराणसी कोर्ट परिसर के बाहर वादी महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
कोर्ट परिसर से बाहर आने के बाद याची महिलाओं ने कहा कि यह सौभाग्य की बात है कि फैसला सोमवार को ही आया। मीडिया से बात करते हुए कहा कि ऐतिहासिक दिन है। कहा कि अब पुरातात्विक सर्वेक्षण और दर्शन पूजन का अधिकार दिलाने की मांग की जाएगी। 
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वाराणसी कोर्ट परिसर के बाहर वादी महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
वादी महिलाओं ने कहा कि जो भी साक्ष्य मिले हैं, अब उसकी कार्बन डेटिंग कराने की मांग की जाएगी। फैसले के बाद महिलाओं को लोगों ने मिठाई खिलाकर खुशियां बांटीं। इस दौरान याचिकाकर्ता सोहन लाल आर्य, शशांक शेखर त्रिपाठी सहित कई लोग मौजूद रहे। 
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वाराणसी कोर्ट परिसर के बाहर वादी महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
ज्ञानवापी परिसर स्थित मां श्रृंगार गौरी की नियमित पूजा की अनुमति और ज्ञानवापी में मौजूद अन्य देव विग्रहों की सुरक्षा से संबंधित मुकदमा सिविल कोर्ट में 18 अगस्त 2021 को राखी सिंह, सीता साहू, मंजू व्यास, लक्ष्मी देवी और रेखा पाठक ने दाखिल किया था।
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वाराणसी कोर्ट परिसर के बाहर जश्न मनाते हिंदू पक्ष के लोग - फोटो : अमर उजाला
ज्ञानवापी मामले में महिला वादियों के पैरौकार व विश्व वैदिक संघ से प्रमुख जितेंद्र सिंह बिसेन ने कहा कि संपूर्ण सनातन समाज को प्रथम जीत की मंगलमय शुभकामनाएं। सभी पक्ष संयम और विवेक से कार्य करें। अति उत्साह में देश की शांति व्यवस्था ना बिगड़े इस बात का विशेष ध्यान रखें। हर-हर महादेव।

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अंजुमन इंतजामिया मस्जिद कमेटी के अधिवक्ता मेराजुद्दीन सिद्दीकी - फोटो : अमर उजाला
अंजुमन इंतजामिया मस्जिद कमेटी के अधिवक्ता मेराजुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि वह जिला जज के इस आदेश के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट जाएंगे। वहीं अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी ने कोर्ट के इस फैसले पर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया। 
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वाराणसी कोर्ट परिसर के बाहर का नजारा - फोटो : अमर उजाला
जिस मामले में दुनिया ने पहली बार टीवी स्क्रीन पर ज्ञानवापी मस्जिद का सच देखा, उस मामले पर वाराणसी जिला जज ने सोमवार को फैसला सुना दिया। कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की याचिका को खारिज कर दिया। मामले की अगली सुनवाई 22 सितंबर को होगी। जिला जज ने मुस्लिम पक्ष के रूल 7 नियम 11 का आवेदन खारिज किया। मुख्य रूप से उठाये गए तीन बिंदुओं- प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट, काशी विश्वनाथ ट्रस्ट और वक्फ बोर्ड से इस वाद को बाधित नहीं माना और श्रृंगार गौरी वाद सुनवाई योग्य माना।
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