अनंत चतुर्दशी पर दुनिया के अनूठे रंगमंच से पर्दा उठ गया। परंपराओं की थाती संभाले धर्म-अध्यात्म, श्रद्धा- भक्ति और फक्कड़ मस्ती के अनुष्ठान रामनगर की विश्व प्रसिद्ध रामलीला का गुरुवार शाम श्रीगणेश हो गया। मानस की चौपाइयों से लीलास्थल गूंज उठा। हर-हर महादेव का गगनभेदी उद्घोष हुआ। यूनेस्को की अमूर्त विश्व सांस्कृतिक विरासत में शामिल यह रामलीला 31 दिन तक चलेगी। गुरुवार शाम विश्वप्रसिद्ध रामनगर की रामलीला में अचानक कथाव्यास ह्रदय नारायण पांडेय के स्वर उभरे और उन्होंने चिरपरिचित अंदाज में चुप रहो, सावधान...कहा।
घाट की सीढ़ियों पर सन्नाटे की चादर सी बिछ गई। समवेत स्वर में हर-हर महादेव के घोष के बीच लीला स्थल पहुंचे काशीराज परिवार के सदस्य अनंत नारायण सिंह का अभिवादन हुआ। इसके साथ ही पोखरे के दक्षिणी छोर पर बारादरी के ऊपरी हिस्से में ढोलक की थाप व मंजीरे की झंकार से मानस की चौपाइयां आकाशवाणी लीला के लिए एकाकार हो उठीं।