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PHOTOS: विश्व प्रसिद्ध रामनगर की रामलीला का भव्य आगाज, श्रीहरि की अलौकिक छवि से भावभिवोर हुए लीलाप्रेमी

Thu, 28 Sep 2023 08:49 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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विश्व प्रसिद्ध रामनगर की रामलीला का भव्य आगाज - फोटो : अमर उजाला
अनंत चतुर्दशी पर दुनिया के अनूठे रंगमंच से पर्दा उठ गया। परंपराओं की थाती संभाले धर्म-अध्यात्म, श्रद्धा- भक्ति और फक्कड़ मस्ती के अनुष्ठान रामनगर की विश्व प्रसिद्ध रामलीला का गुरुवार शाम श्रीगणेश हो गया। मानस की चौपाइयों से लीलास्थल गूंज उठा। हर-हर महादेव का गगनभेदी उद्घोष हुआ। यूनेस्को की अमूर्त विश्व सांस्कृतिक विरासत में शामिल यह रामलीला 31 दिन तक चलेगी।  गुरुवार शाम विश्वप्रसिद्ध रामनगर की रामलीला में अचानक कथाव्यास ह्रदय नारायण पांडेय के स्वर उभरे और उन्होंने चिरपरिचित अंदाज में चुप रहो, सावधान...कहा।
घाट की सीढ़ियों पर सन्नाटे की चादर सी बिछ गई। समवेत स्वर में हर-हर महादेव के घोष के बीच लीला स्थल पहुंचे काशीराज परिवार के सदस्य अनंत नारायण सिंह का अभिवादन हुआ। इसके साथ ही पोखरे के दक्षिणी छोर पर बारादरी के ऊपरी हिस्से में ढोलक की थाप व मंजीरे की झंकार से मानस की चौपाइयां आकाशवाणी लीला के लिए एकाकार हो उठीं।
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विश्व प्रसिद्ध रामनगर की रामलीला का भव्य आगाज - फोटो : अमर उजाला
लगभग 22 मिनट तक चले सिलसिले के बाद रात 8:26 बजे फिर सावधान की आवाज ने रामबाग पोखरे को क्षीरसागर में तब्दील हो जाने का संकेत दिया। पश्चिमी किनारे पर शेषनाग रूपी नौका पोखरे के बीचों-बीच पहुंचाई गई और जनमानस ने जय सियाराम जय जय सियाराम कीर्तन से वातावरण गूंजा दिया। रात 8:32 बजे श्रीहरि शेषशैय्या पर विराजे और लाल महताबी की रोशनी में दर्शन दिया।
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विश्व प्रसिद्ध रामनगर की रामलीला का भव्य आगाज - फोटो : अमर उजाला
उत्साह व उल्लास से ओतप्रोत लीलाप्रेमियों का जमावड़ा रामबाग पोखरे पर सुबह से ही होने लगा था। विदेशी भी रामलीला देखने पहुंचे थे। इसके साथ ही शिव की नगरी में प्रभु राम को समर्पित उपनगर रामनगर की हर डगर राममय हो उठी। लीला का आरंभ रावण जन्म प्रसंग से हुआ और उसने भाइयों समेत घोर तप किया। 

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विश्व प्रसिद्ध रामनगर की रामलीला का भव्य आगाज - फोटो : अमर उजाला
भगवान ब्रह्मा से अभय का वरदान पाने के अहंकार में रावण ने विश्वकर्मा द्वारा बनाए स्वर्ण महल पर आक्रमण तो किया ही ब्राह्मणों के यज्ञ व हवन को नष्ट करना शुरू किया। इंद्र की सलाह पर भयभीत देवों-ऋषियों ने वैकुंठ धाम जाकर भगवान विष्णु की स्तुति की। इसके साथ लाल श्वेत महताबी की रोशनी से नहाए रामबाग पोखरे ने क्षीरसागर का रूप लिया और शेष शैय्या पर लेटे श्रीहरि की झांकी निखर उठी। उनके चरण दबातीं भगवती लक्ष्मी व नाभि से निकले कमल पुष्प पर आसीन ब्रह्मा की मनोहारी झांकी निरख निहाल श्रद्धालुओं ने लीला क्षेत्र को जय-जयकार से गुंजायमान कर दिया।
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विश्व प्रसिद्ध रामनगर की रामलीला का भव्य आगाज - फोटो : अमर उजाला
लीला शुरू होने से पहले दोपहर दो बजे पंच स्वरूपों का व्यासगणों की निगरानी में साज श्रृंगार किया गया। विधि विधान से मुकुट का पूजन कर धारण कराया गया। चार बजे उन्हें कंधे पर बैठाकर दुर्ग पहुंचाया गया। रस्म पूरी करके बैलगाड़ी से उन्हें लीला स्थल ले जाया गया। इसके साथ ही लीला स्थल जयघोष से गूंज उठा।
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शाही बग्घी पर निकली सवारी - फोटो : अमर उजाला
शाम लगभग पौने पांच बजे दुर्ग से काशी राज परिवार के सदस्य अनंत नारायण सिंह की बग्घी पर शाही सवारी निकली। सबसे आगे रामनगर पुलिस की जीप और उसके पीछे बनारस स्टेट का ध्वज लिए घुड़सवार चल रहे थे। दुर्ग से बाहर आते ही इंतजार में खड़े जनसमुदाय ने हर-हर महादेव के उद्घोष से अगवानी की। लीला स्थल पर 36 वीं वाहिनी पीएसी की टुकड़ी ने हाथी पर सवार महाराज को सलामी दी। इसके साथ लीला शुरू हुई।
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विश्व प्रसिद्ध रामनगर की रामलीला में विदेशी पर्यटक - फोटो : अमर उजाला
रामलीला के नेमियों व श्रद्धालुओं के ''जय सियाराम'' के आपसी अभिवादन से लीला स्थल का माहौल बड़ा ही भावप्रवण हो गया। लीलाप्रेमियों ने गले मिलकर एक-दूसरे का कुशल क्षेम जाना। गंगातट सहित प्रमुख सरोवरों, तालाबों के तट पर साफा-पानी जमाया। कुछ ही देर में इत्र की खुश्बू से लीलास्थल महमह हो उठा।
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विश्व प्रसिद्ध रामनगर की रामलीला में उमड़ी भीड़ - फोटो : अमर उजाला
रामनगर में गुरुवार शाम को नेमियों ने त्रेतायुग का साक्षात्कार किया। हर डगर पर रामचर्चा और रामजी की लीला दर्शन के लिए जनसमूह तीसरे पहर ही रामबाग में एकत्र होने लगा। नेमियों के कंधे पर झोला, एक हाथ में मानस पोथी तो दूसरे में छड़ी और नजरें लीला के इंतजार में शुभ घड़ी पर गड़ी हुई थीं। एक साल के अंतराल पर नेमियों का एक दूसरे से सामना हुआ तो रामराम के साथ ही हाथ भी स्वत: जुड़ गए। 
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