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बलिया में बोले राज्यपाल राम नाईक, अखिलेश यादव ने नहीं मानी मेरी यह बात

Wed, 18 Apr 2018 11:05 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बलिया
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ram naik - फोटो : अमर उजाला
राज्यपाल रामनाईक मंगलवार को बलिया में थे। राज्यपाल ने कहा कि सरकार को वह सुझाव देते हैं, उसपर अमल करना, नहीं करना उसका काम है। पूर्व सीएम अखिलेश यादव को उनके कार्यकाल में कई बार सुझाव दिए लेकिन उन्होंने कभी भी उनका सुझाव नहीं माना। आगे की स्लाइड्स में देखें...

 
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ram naik - फोटो : अमर उजाला
राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि यूपी दिवस मनाने के लिए भी पूर्व सीएम अखिलेश यादव से कहा गया पर उन्होंने ध्यान नहीं दिया। प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद उनके सुझाव पर यूपी दिवस मनाया गया। राज्यपाल सेंट जेवियर्स स्कूल धरहरा में मंगलवार को स्थापना दिवस कार्यक्रम संपन्न होने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। 

 
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ram naik - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि अखिलेश सरकार के पांच साल के कार्यकाल को जनता ने देखा है। अब प्रदेश में भाजपा की योगी सरकार है। सरकार को एक साल पूरे हो चुके हैं और जनता एक साल के कार्यकाल का आकलन कर रही है। कौन बेहतर है, यह जनता तय कर सकती है। इस अवसर पर उन्होंने जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय को लेकर भी उद्गार रखते हुए कहा कि यहां पर जल्द ही उच्च शिक्षा मिलनी शुरू हो जाएगी। विश्वविद्यालय के लिए उनके स्तर से जो भी मदद होगी वह उसके लिए हमेशा तैयार रहेंगे। 

 

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ram naik - फोटो : अमर उजाला
इससे पहले स्कूल के स्थापना दिवस समारोह में उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर के नाम पर राजनीति की जा रही है। उनके आदर्श सभी के लिए मार्गदर्शन का कार्य करता है। उन्होंने इस दौरान बाबा साहेब के नाम पर डाक टिकट जारी करने के कारणों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि जब चंद्रशेखर 1991 में प्रधानमंत्री थे, उस समय वह लोकसभा के सदस्य थे। उन्होंने पूर्व पीएम चंद्रशेखर से कहा कि आंबेडकर की जीवन शताब्दी के समय एक समिति का स्थापना की जाए एवं उनके नाम पर डाक टिकट जारी किया जाए। जिस पर चंद्रशेखर ने डाक टिकट जारी करा दिया था।   
  
 
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ram naik - फोटो : अमर उजाला
उधर, राज्यपाल के कार्यक्रम भाग लेने पहुंचे सांसद रवींद्र कुशवाहा, राज्यसभा सदस्य सकलदीप राजभर और भाजपा जिलाध्यक्ष विनोद शंकर दुबे इंतजाम से नाखुश होकर चले गए। सांसद कुशवाहा ने कहा कि इस मामले की शिकायत वह मुख्यमंत्री से करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यक्रम के दौरान उनके बैठने के लिए न तो उपयुक्त जगह की व्यवस्था की गई थी और न ही पानी के लिए पूछा गया। इसके लिए जिला प्रशासन और स्कूल प्रबंधन जिम्मेदार है।

 
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राज्यपाल राम नाईक - फोटो : amar ujala
वहीं, दूसरी ओर स्कूल के प्रबंध निदेशक अभिनव कुमार तिवारी का कहना है कि राज्यपाल के प्रोटोकाल के मुताबिक मंच पर गिनती के लोगों के बैठने की व्यवस्था थी, कार्यक्रम में आने वाले सांसद, विधायक, जिलाध्यक्ष व अन्य गण्यमान्य लोगों की सूची जिला प्रशासन को दे दी गई थी। बैठने की व्यवस्था प्रशासन ने तय की थी, स्कूल प्रबंधन का इसमें कोई किरदार नहीं था। उधर, डीएम भवानी सिंह खंगरौत ने कहा कि नेताओं की तरफ से ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है। राज्यपाल के प्रोटोकाल के मुताबिक व्यवस्था की गई थी।  
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