आजमगढ़ और बलिया के बाद गुरुवार को घाघरा मऊ में भी खतरे के निशान को पार कर गई। नदी के जलस्तर में वृद्धि और कटान का क्रम जारी रहने से तटवर्ती इलाकों के लोग सहमे हुए हैं। बाढ़ का पानी रिहायशी क्षेत्रों की ओर बढ़ने लगा है। कई गांव पानी से घिर गए हैं। सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न हो गई है। फसल पानी में डूब जाने के चलते फसलों के बर्बाद होने की संभावना बढ़ गई है। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें..
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- फोटो : अमर उजाला
मऊ में 24 घंटे में नदी के जलस्तर में 15 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। बुधवार को जलस्तर 69.85 मीटर था जो गुरुवार को 70 मीटर पर पहुंच गया। इससे तटीय इलाकों की सैकड़ों हेक्टेयर फसल जलमग्न हो गई। नौली गांव में एक किसान की दो बिस्वा जमीन नदी में कट गई। आजमगढ़ के सगड़ी तहसील में बीते चौबीस घंटे में नदी के जलस्तर में डिघिया नाले पर 22 तो बदरहुंआ में 20 सेमी बढ़ोतरी दर्ज की गई।
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डिघिया नाले पर गुरुवार को जलस्तर लाल निशान से 86 सेमी ऊपर 71.26 था तो वहीं बदरहुंआ गेज पर 38 सेमी ऊपर 72.06 मी. था। बलिया में पिछले कई दिनों से लाल निशान के ऊपर बह रही घाघरा का जलस्तर बेल्थरारोड गेज पर 64.23 मीटर पर स्थिर हो गया, जबकि चांदपुर गेज पर नदी गुरुवार को सुबह 58.13 मी. पर बह रही थी।
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जयप्रकाशनगर क्षेत्र के चांददीयर पंचायत के टोला फतेह राय गांव के किसान करीब एक माह से कटान का दंश झेलते चले आ रहे हैं। अब बची भूमि पर परवल व कांदा की पौधों को भी बाढ़ ने घेर लिया है। पौधों में लगे फलियों केे तोड़ने के लिए किसानों को अब तक तहसील प्रशासन द्वारा नाव मुहैया नहीं कराई गई है।
विकास खंड मुरली छपरा क्षेत्र के चांददीयर पंचायत के टोला फतेह राय गांव के किसानों के कृषि योग्य भूमि व परवल और कांदा के फसलों को घाघरा महीनों से अपना निवाला बनाती चली आ रही है।
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सगड़ी तहसील के उत्तर में बहने वाली घाघरा नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ाव जारी रही। बीते चौबीस घंटे पर डिघिया नाले पर 22 तो बदरहुआ नाले पर 20 सेमी जलस्तर में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। बैराजों से पानी छोड़े जाने से नदी का जलस्तर बढ़ रहा है और क्षेत्र के दर्जनों गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। अब तो स्थिति धीरे-धीरे भयावह होती जा रही है, लेकिन प्रशासनिक कवायद अब तक सिर्फ निरीक्षण तक ही सीमित है। घाघरा नदी के जलस्तर में तेजी से हो रही वृद्घि के चलते तीन दर्जन से अधिक गांव बाढ़ में घिर गए हैं। दर्जन भर गांवों के संपर्क मार्गों पर पानी भरने से लोगों के समक्ष आवागमन की भी समस्या खड़ी हो गई है।
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उफान पर बह रही गंगा
- फोटो : अमर उजाला
देवरांचल में घाघरा के जलस्तर में तेजी से हो रही बढ़ोत्तरी का प्रमुख कारण बैराजों से पानी का छोड़ा जाना है। वर्तमान में शारदा, बनबसा और गिरजा बैराज से 218000 क्यूसेक पानी डिसचार्ज हो रहा है। जिसके चलते ही देवरांचल में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। ऐसे में चौबीस घंटे की बात की जाये तो घाघरा के जलस्तर में डिघिया गेज 22 और बरदहुआ गेज पर 20 सेमी की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। डिघिया नाले पर गुरुवार को जलस्तर से लाल निशान से 86 सेमी ऊपर था तो वहीं बदरहुआ गेज पर 38 सेमी ऊपर नदी बह रही थी।
जलस्तर में हुई तेज बढ़ोत्तरी का परिणाम यह हुआ है कि क्षेत्र में स्थित आधा दर्जन भर विद्यालय बाढ़ के पानी से घिरे हैं। जिसके चलते बच्चों के साथ ही शिक्षकों को भी विद्यालय पहुंचने में असुविधा हो रही है। काफी मशक्कत के बाद विद्यालय पहुंच कर यहां तैनात शिक्षकों द्वारा पठन-पाठन का कार्य कराया जा रहा है। इन विद्यालयों में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय देवारा खास राजा, प्राथमिक विद्यालय चक्की हाजीपुर शामिल है। इन विद्यालयों के पास ज्यादा पानी लगा हुआ है।