काशी के घाटों से गंगा दूर होती जा रही हैं। घाट की सीढ़ियों से दूर जाने की भयावह स्थिति अस्सी घाट से दिखनी शुरू हो जाती है। यहां गंगा सीढ़ियों से तकरीबन 60 फीट दूर बह रही हैं। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें..
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- फोटो : अमर उजाला
अस्सी से लेकर आदिकेशव घाट तक किनारों से दूर होना ऐसे ही खतरे की ओर इशारा कर रहा है। मौजूदा हालात यह है कि कहीं 30 तो कहीं 60 फीट तक घाटों से गंगा दूर हो गई हैं। गंगा की धारा भी ठहर सी गई है।
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खास बात तो यह है कि बनारस में गंगा के जलस्तर में एक साल में ढाई फीट से अधिक की कमी आ चुकी है। सर्दियों के दौरान ही घाट छोड़ती हुई गंगा को देखकर गंगा प्रेमी दुखी हैं।
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अस्सी घाट के स्थानीय निवासी श्याम प्रसाद और सुरेश मांझी का कहना है कि गंगा फरवरी में घाट के किनारे ही रहती थीं लेकिन आज तो यह 60 फीट पीछे पहुंच गई हैं। तुलसी घाट पर पूजा कराने वाले पुरोहित मोहन दास मिश्र का कहना है कि पिछले 30 सालों में गंगा की ऐसी दुर्दशा उन्होंने नहीं देखी।
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संकटमोचन मंदिर के महंत प्रो.विश्वभंर नाथ मिश्र ने कहा कि वर्तनाम में जो गंगा की हालत है वह कभी नहीं रही। गर्मियों में इससे ज्यादा पानी रहता था। गंगा में प्रदूषण का स्तर बढ़ा तो उसमें प्रवाह की सबसे अधिक जरूरत है। बनारस में गंगा की चौड़ाई कभी 800 मीटर हुआ करती थी जिसे तैरकर पार करना मुश्किल था। आज गंगा की चौड़ाई सिर्फ चार सौ मीटर रह गई।