मणिकर्णिका घाट स्थित सतुआ बाबा आश्रम में गुरु पूर्णिमा के मौके पर पादुका पूजन
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वहीं लोगों ने रघुवरनगर स्थित साईं बाबा के मंदिर में दर्शन कर परिवार और बच्चों के सुखी जीवन की कामना भी की। माना जाता है कि भगवान राम भी गुरु वशिष्ठ के यहां और प्रभु कृष्ण को गुरु संदीपनी के आश्रम में शिक्षा ग्रहण करने जाना पड़ा था । विद्वानों ने बताया कि इसी दिन वेदों के रचनाकार महर्षि वेदव्यास का जन्म हुआ था ।
रघुवरनगर में साई बाबा के मंदिर में गुरु पूर्णिमा के मौके पर दर्शन पूजन करत
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गुरु पूर्णिमा को व्यास जयंती के रूप में भी मनाया जाता है। गुरुओं का स्थान संपूर्ण सृष्टि में सवसे बड़ा है ज्ञानरूपी चक्षु खोलने के लिए गुरु पूर्णिमा के दिन विधि विधान से गुरुओं की पूजा करनी चाहिए । भारतीय सनातन संस्क्रति में गुरु को सर्वोपरि माना गया है।