ज्ञानवापी मस्जिद मामले में हिंदू पक्ष की ओर से शृंगार गौरी के पूजन के लिए अभियान शुरू किया गया है। मस्जिद परिसर के वजूखाने में मिले शिवलिंग के पूजन-अर्चन और मुस्लिम पक्ष से मुक्त कराने के लिए लगातार पैरवी की जा रही है। इस पर खर्च के साथ ही मामले के प्रबंधन के लिए ही ट्रस्ट बनाया गया है।
ट्रस्ट मामले की समय-समय पर समीक्षा कर आगे की रणनीति भी तय करेगा। बैठक में वादी महिलाओं लक्ष्मी देवी, सीता साहू, मंजू व्यास, रेखा पाठक के अलावा हरिशंकर जैन के पुत्र विष्णु शंकर जैन, लालबाबू जायसवाल, रंजना अग्निहोत्री, कुलदीप तिवारी आदि मौजूद रहे।
वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर स्थित श्रृंगार गौरी के नियमित दर्शन व अन्य विग्रहों के संरक्षण मामले में जिला जज की अदालत में आज अहम सुनवाई होनी है। मामले में अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी (मुस्लिम पक्ष) ने दाखिल 51 बिंदुओं पर आपत्ति पर दलील पूरी कर ली है।
आज मुस्लिम पक्ष अदलात में कानूनी बिंदुओं पर दलील रखते हुए कोर्ट से गुजारिश करेगा कि यह वाद ऑर्डर 7 रूल 11 के तहत सुनवाई योग्य नहीं है और राखी सिंह समेत 5 महिलाओं की तरफ से दाखिल वाद को खारिज किया जाए। जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पांच महिलाओं की तरफ से 51 बिंदुओं पर शृंगार गौरी के नियमित दर्शन के लिए दाखिल वाद के सुनवाई योग्य है या नहीं पर बहस चल रही है।
वादी पक्ष के अधिवक्ता अनुपम द्विवेदी ने बताया कि अगली तारीख पर मुस्लिम पक्ष की पोषणीयता के बिंदु पर बहस हो जाने के बाद पांच महिलाओं की तरफ से हिंदू पक्ष के अधिवक्ता वाद के समर्थन में दलीलें पेश कर स्थिति स्पष्ट करेंगे। इसी आधार पर अदालत में बताएंगे कि यह मामला सुनवाई योग्य है और यहां विशेष धर्म उपासना स्थल विधेयक 1991 लागू नहीं होगा।