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एक गांव से निकली चार अर्थियां: घर की जिम्मेदारी उठाने निकले थे, अब परिवार बेसहारा; रक्षाबंधन पर बिताया था साथ

Sun, 06 Sep 2026 06:14 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, जाैनपुर।

सार

घर की जिम्मेदारियां संभालने के लिए काम पर निकले चार मजदूरों की अहरौरा की खदान में हुए हादसे में मौत ने बड़गवां के चार परिवारों को बेसहारा कर दिया। परिजनों के मुताबिक चारों मजदूर करीब एक सप्ताह पहले ही काम पर लौटे थे। हादसे के बाद गांव में मातम पसरा है और परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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ब्लास्टिंग के दौरान चार जिंदगियां खत्म। - फोटो : Mirzapur
रक्षाबंधन पर घर लौटे थे तो चेहरे पर अपनों से मिलने की खुशी थी। परिवार के साथ त्योहार मनाया और बच्चों को दुलारा। किसे पता था कि कुछ ही दिनों बाद रोजी-रोटी की तलाश में निकले इन मजदूरों की घर वापसी नहीं होगी। मिर्जापुर के अहरौरा स्थित खदान में हुए हादसे की खबर शनिवार को जैसे ही जुगैल थाना क्षेत्र के बड़गवां गांव पहुंची, चार परिवारों की दुनिया थम गई। गांव में चीख-पुकार मच गई। जिन घरों में कुछ दिन पहले रक्षाबंधन की खुशियां थीं, वहां अब मातम पसरा है।



हादसे में बड़गवां गांव के दूधनाथ विश्वकर्मा, अशोक गोंड, राकेश गोंड और लाल बहादुर की मौत हुई है। दूधनाथ के भाई राजेश विश्वकर्मा ने बताया कि चारों लोग अहरौरा के खनन क्षेत्र में लंबे समय से काम कर रहे थे। रक्षाबंधन पर सभी लोग घर आए थे। त्योहार परिवार के साथ मनाने के बाद करीब एक सप्ताह पहले ही काम पर लौटे थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह उनकी आखिरी विदाई होगी।

हादसे की सूचना मिलते ही परिजन और गांव के लोग घटनास्थल की ओर रवाना हो गए। दूधनाथ विश्वकर्मा के परिवार में पत्नी के अलावा दो बेटे और एक बेटी हैं। सभी छोटे हैं। अचानक उनकी मौत की खबर ने पत्नी और बच्चों को बेसहारा कर दिया।
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इसी जगह हुआ था दर्दनाक हादसा। - फोटो : संवाद
बेटी की शादी की तैयारी में जुटे थे अशोक
पूर्व प्रधान अशोक गोंड के परिवार में दो बेटे और एक बेटी है। परिजन बताते हैं कि अशोक जल्द ही बेटी की शादी करने की तैयारी में जुटे थे। बेटी के हाथ पीले करने और घर में शादी की खुशियां देखने का सपना संजोए अशोक कमाने के लिए खदान गए थे, लेकिन हादसे ने परिवार के सपनों को ही उजाड़ दिया। अशोक के पिता बसंत लाल गोंड गांव के प्रधान भी रह चुके हैं। राकेश गोंड और लाल बहादुर के परिवार में भी एक-एक संतान है। दोनों की मौत से उनके घरों में भी चीत्कार मची है।
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हादसे के बाद माैके पर माैजूद भीड़। - फोटो : संवाद
सोनभद्र खनन हादसे की यादें हुई ताजा
15 नवंबर 2025 को ओबरा के बिल्ली मारकुंडी में खदान हादसा हुआ था। ड्रिलिंग के दौरान पत्थर का बड़ी चट्टान गिरने से सात मजदूर उसके नीचे दब गए थे। करीब चार दिनों तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद उनके शव मलबे से बाहर निकाले जा सके थे।

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भयावह मंजर देखते लोग। - फोटो : संवाद
अहरौरा के भगौती देई क्रशर प्लांट में दोपहर में ब्लास्टिंग के दौरान हुआ हादसा
मिर्जापुर के अहरौरा के भगौती देई क्रशर प्लांट पर शनिवार दोपहर ब्लास्टिंग के कंपन से कमरा और डग धराशायी हो गया। कमरे में मौजूद सोनभद्र के चार मजदूरों की दबकर मौत हो गई। मरने वालों की पहचान सोनभद्र के चोपन थाना क्षेत्र के बड़ागांव निवासी लालबहादुर (35), अशोक (35) , राकेश (28) और दुर्योधन (28) के रूप में हुई है।
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दोपहर में ब्लास्टिंग के दौरान हुआ हादसा। - फोटो : संवाद
हादसे के बाद क्रशर प्लांट पर हड़कंप मच गया। प्लांट के मालिक अहरौरा के चौकिया गांव निवासी शिव कुमार सिंह उर्फ पिंटू पटेल और अन्य मजदूर और कार्य करने वाले पहुंचे। आनन-फानन में पोकलैंड से चारों मजदूरों को बाहर निकाला गया। तब तक मौत हो चुकी थी। क्रशर प्लांट का लाइसेंस पिंटू पटेल की पत्नी नीलम के नाम पर है।

प्लांट मालिक पिंटू बिना पुलिस को सूचना दिए शवों को ट्रक से लेकर चले गए। काफी देर बाद वहां अहरौरा पुलिस पहुंची तो कोई कर्मचारी नहीं था। प्रशासन ने मलबा हटवाकर देखा। मौके पर आयुक्त, डीआईजी, डीएम, एसपी, एएसपी, एसडीएम और सीओ पहुंचे और जांच-पड़ताल की।
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हादसे की जानकारी लेते डीएम। - फोटो : संवाद
स्थानीय मजदूरों ने बताया कि दोपहर में क्रशर प्लांट पर कार्य चल रहा था। दोपहर में एक से दो बजे के बीच ब्लास्टिंग होती है। ब्लास्टिंग के दौरान पत्थर छिटककर न लगे, इसके लिए काम कर रहे मजदूर डग के पास बने कमरे में चले गए। डग और कमरा क्रशर प्लांट पर किनारे की ओर बना था। ब्लास्टिंग के चलते कंपन से कमरा और डग भसककर धराशायी हो गया।
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ब्लास्टिंग के दौरान इसी मलबे में दबे थे मजदूर। - फोटो : संवाद
क्रशर प्लांट संचालक बिना पुलिस-प्रशासन को सूचना दिए चारों के शव लेकर चले गए। मजदूरों ने बताया कि अस्पताल ले जाया जा रहा है। सूचना पर काफी देर बाद पुलिस और प्रशासन की टीम पहुंची। संपर्क किया तो पता चला कि चारों की मौत हो गई है। पुलिस ने चारों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
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जेसीबी से मलबा हटवाती पुलिस। - फोटो : संवाद
क्रशर प्लांट पर कमरा किनारे की ओर है। चारों मजदूर कमरे में थे। दोपहर में ब्लास्टिंग के दौरान कंपन से कमरा भसककर गिरने की बात सामने आई है। मलबे में दबकर चारों मजदूरों की मौत हो गई। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मामले की जांच की जा रही है। - अपर्णा रजत कौशिक, पुलिस अधीक्षक
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