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UP: 895 दिन और आठ गवाह, पूर्व विधायक, पत्नी और बेटे-बहू को सजा; फैसला आते ही रोने लगीं सास-बहू; ये है मामला

Sat, 16 May 2026 09:07 AM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, भदोही

सार

भदोही एमपी-एमएलए कोर्ट ने रिश्तेदार के पैतृक आवास पर कब्जा करने और माइनिंग फर्म को नियंत्रण में लेने के मामले में सपा व निषाद पार्टी के पूर्व विधायक विजय मिश्रा, उसकी पत्नी पूर्व एमएलसी रामलली और बेटे विष्णु मिश्रा को 10-10 साल की सजा सुनाई है। वहीं बहू रूपा मिश्रा को चार साल की सजा सुनाई गई है।
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vijay mishra - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
भदोही में पैतृक आवास पर कब्जा करने और माइनिंग फर्म को नियंत्रण में लेने के मामले में पुलिस ने 20 नवंबर 2023 को कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया था।
895 दिनों तक मुकदमे में कुल आठ गवाहों को पेश किया गया। इसके बाद विजय मिश्रा, उनकी पत्नी, बेटे और बहू को सजा मिल सकी। इस मामले में 2020 में हुई गिरफ्तारी के बाद से विजय मिश्रा सलाखों से बाहर नहीं आ सका।

रिश्तेदार कृष्ण मोहन तिवारी की ओर से 04 अगस्त 2020 पैतृक आवास पर कब्जा करने और माइनिंग फर्म को नियंत्रण में लेने के मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। 14 अगस्त 2020 को मध्य प्रदेश के मालवा जिले के आगर से विजय मिश्रा को गिरफ्तार किया गया था। 
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पूर्व विधायक विजय मिश्रा, पत्नी रामलली, बेटा विष्णु मिश्रा और बहू रूपा मिश्रा - फोटो : अमर उजाला
जुलाई 2022 में बेटे विष्णु मिश्रा को पुणे से गिरफ्तार किया गया था। इस पर इनाम भी घोषित किया गया था। 2022 में ही पूर्व एमएलसी पत्नी रामलली मिश्रा की भी गिरफ्तारी हुई थी। रामलली मिश्रा को बाद में कोर्ट से जमानत मिल गई थी लेकिन विजय मिश्रा जेल की सलाखों से बाहर नहीं आ पाया। विजय मिश्रा इस समय आगरा जेल में, जबकि उनका बेटा विष्णु मिश्रा लखीमपुर खीरी जेल में बंद है। बृहस्पतिवार को दोषी करार दिए जाने के बाद रामलली और रूपा मिश्रा को जेल भेज दिया गया था।

 
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पूर्व विधायक विजय मिश्रा - फोटो : अमर उजाला
पूर्व विधायक विजय मिश्रा को अब तक सजा
  • 15 मई 2026 : संपत्ति हड़पने के मामले में पूर्व विधायक विजय मिश्रा, पत्नी व बेटे को 10 साल और बहू को चार साल कैद।
  • 13 मई 2026 : प्रयागराज के एमपी-एमएलए कोर्ट ने कचहरी हत्याकांड में पूर्व विधायक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
  • 13 जून 2024 : पूर्व विधायक विजय मिश्रा को आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में एक महीने की साधारण कारावास की सजा।
  • मार्च 2023: आर्म्स एक्ट के तहत 5 साल की सजा सुनाई गई।
  • 4 नवंबर 2023 : गायिका से दुष्कर्म के मामले में विजय मिश्रा को 15 साल की कैद।

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प्रयागराज एमपीएमएलए कोर्ट से सजा मिलने के बाद पूर्व विधायक विजय मिश्रा। - फोटो : अमर उजाला।
फैसला आते ही रोने लगीं सास-बहू
एमपी-एमएलए कोर्ट ने जैसे ही फैसला सुनाया, वैसे ही रामलली और रूपा मिश्रा कोर्ट परिसर में रोने लगीं। वहां रूपा की 12 साल की बेटी भी मौजूद थी। वह दादी और मम्मी को रोता देख रोने लगी। इस दौरान कोर्ट परिसर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही।
 
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प्रयागराज एमपीएमएलए कोर्ट से सजा मिलने के बाद पूर्व विधायक विजय मिश्रा। - फोटो : अमर उजाला।
कब-क्या हुआ
  • 4 अगस्त 2020: विधायक समेत पत्नी व बेटे पर गोपीगंज कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज।
  • 20 नवंबर 2023 : पुलिस को ओर से न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित, मुकदमे में रूपा का भी नाम शामिल।
  • 14 मई 2026 : दोषी करार देते हुए फैसला सुरक्षित रखा।
  • 15 मई, 2026: विजय मिश्रा, पत्नी व बेटे समेत बहू को सजा।
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विजय मिश्रा, पूर्व विधायक ज्ञानपुर। - फोटो : अमर उजाला
उम्र और बीमारियों का हवाला भी नहीं आया काम
फैसले के दिन सुनवाई के दौरान विजय मिश्रा के अधिवक्ता की ओर से कम से कम सजा के लिए कई दलीलें दी गईं लेकिन कोर्ट के समक्ष एक भी दलील काम नहीं आ सकी। अधिवक्ता ने राजनीतिक दुश्मनी के कारण मुकदमा कराए जाने की बात कही। पूर्व एमएलसी रामलली की उम्र 70 साल होने और बीमारियों से ग्रसित होने का हवाला दिया गया। इसके अलावा रूपा मिश्रा के दो बच्चों के लालन-पालन की भी दलील पेश की गई।
 
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विजय मिश्रा, पूर्व विधायक। फाइल फोटो - फोटो : सोशल मीडिया
पूर्व विधायक विजय मिश्रा, पत्नी व बेटे को 10-10 साल और बहू को 4 साल की सजा 
एमपी-एमएलए कोर्ट की विशेष न्यायाधीश पुष्पा सिंह ने शुक्रवार को रिश्तेदार के पैतृक आवास पर कब्जा करने और माइनिंग फर्म को नियंत्रण में लेने के मामले में सपा व निषाद पार्टी के पूर्व विधायक विजय मिश्रा, उसकी पत्नी पूर्व एमएलसी रामलली और बेटे विष्णु मिश्रा को 10-10 साल की सजा सुनाई है। वहीं बहू रूपा मिश्रा को चार साल की सजा सुनाई गई है। पूर्व विधायक की पत्नी और बेटे-बहू को पहली बार किसी मामले में सजा हुई है।

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विष्णु मिश्रा की फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
चारों पर 5 लाख 26 हजार का जुर्माना
अदालत ने चारों पर 5 लाख 26 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। विजय मिश्रा पर एक लाख 76 हजार, रामलली पर एक लाख 75 हजार, विष्णु मिश्रा पर एक लाख 65 हजार और रूपा मिश्रा पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगा है। इससे दो दिन पहले यानी बुधवार को प्रयागराज के एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश ने कचहरी हत्याकांड के मामले में पूर्व विधायक विजय मिश्रा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। 

 

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रामलली की फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सास-बहू इसी मामले में भदोही जिला कारागार में बंद
विजय मिश्रा आगरा जेल में है। विष्णु मिश्रा लखीमपुर खीरी जेल में है। इन दोनों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी हुई थी। रामलली और रूपा मिश्रा अदालत में पेश हुई थीं जहां से दोनों को जेल भेजा गया है। सास-बहू इसी मामले में भदोही जिला कारागार में बंद हैं। अदालत ने मामले में टिप्पणी भी की। अदालत ने कहा कि विजय मिश्रा, रामलली और विष्णु मिश्रा ने समाज के विरुद्ध घोर अपराध किया है। अपराध से अर्जित संपत्ति का इस्तेमाल रूपा मिश्रा ने भी किया है। दोषी विजय मिश्रा का बड़ा आपराधिक इतिहास है इसलिए किसी तरह की राहत नहीं दी जा सकती है।

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रूपा मिश्रा की फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
4 अगस्त 2020 को दर्ज कराया था केस
दोषियों को मिलीं सजाएं साथ-साथ चलेंगी। अभियोजन के मुताबिक, पूर्व विधायक के रिश्तेदार कृष्णमोहन तिवारी ने 4 अगस्त 2020 को गोपीगंज कोतवाली में विजय मिश्रा, उसकी पत्नी रामलली, बेटे विष्णु मिश्रा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि विजय मिश्रा ने 2001 से उनके भदोही स्थित पैतृक आवास पर अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। साथ ही माइनिंग फर्म पर भी जबरन नियंत्रण कर लिया।

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एमपी-एमएलए कोर्ट में कड़ी सुरक्षा रही - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
प्राथमिकी दर्ज करने के बाद पुलिस ने जांच की और विवेचना पूरी करने के बाद 20 नवंबर 2023 को अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। आरोप पत्र में पूर्व विधायक विजय मिश्रा, उसकी पत्नी रामलली, बेटे विष्णु मिश्रा और बहू रूपा मिश्रा का नाम शामिल किया गया।

 
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एमपी-एमएलए कोर्ट में कड़ी सुरक्षा में पूर्व विधायक - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एमपी-एमएलए कोर्ट ने 62 पेज में सुनाया फैसला
दोनों पक्षों की सुनवाई और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने बृहस्पतिवार को चारों को दोषी करार दिया था। साथ ही सजा सुनाने के लिए शुक्रवार का दिन तय किया था। एमपी-एमएलए कोर्ट ने शुक्रवार को 62 पेज में फैसला दिया। अदालत ने पूर्व विधायक, उसकी पत्नी, बेटे की भूमिका को ज्यादा गंभीर माना और तीनों को 10-10 साल की सजा सुनाई। अदालत ने बहू को चार साल की सुनाई। अदालत ने कहा है कि जुर्माना न अदा करने की स्थिति में दोषियों को अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। 


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