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ग्राउंड रिपोर्ट: बाढ़ ने छीनी छत, टेंट बना सहारा, मदद के इंतजार में डूबे लोग; शवदाह में सबसे ज्यादा परेशानी

Mon, 24 Aug 2026 11:27 AM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

वाराणसी में बाढ़ से लोगों के छत छीन गए तो टेंट में गुजारा कर रहे हैं। वहीं बाढ़ पीड़ितों का आरोप है कि प्रशासन की ओर से कोई मदद नहीं मिल रही है। उधर, बाढ़ के चलते मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट पर शवदाह में सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। 
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वाराणसी में बाढ़ से नमो घाट पर भरा पानी - फोटो : अमर उजाला
वाराणसी में करीब 20 दिनों बाद रविवार को गंगा के जलस्तर में घटाव देखा गया। शनिवार को जहां जलस्तर बढ़ कर 69.21 मीटर दर्ज किया गया था, जो रविवार को 0.23 मीटर घटकर 68.98 मीटर दर्ज किया गया। फिर भी गंगा और वरुणा के जलस्तर बढ़ने से जिन क्षेत्रों में पानी भर गया है, वहां के लोगो को जीवनयापन में परेशानी हो रही है। अपना घर छोड़ टेंट, शिविर या किराये के मकानों में गुजारा कर रहे लोगों का आरोप है कि उन तक प्रशासन की कोई मदद नहीं पहुंच रही है। न तो पीने को शुद्ध पेयजल मिल पा रहा है और न ही शौचालय का इंतजाम है। 
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वाराणसी में बाढ़ के चलते टेंट में रहने को मजबूर लोग - फोटो : अमर उजाला
शनिवार की रात तक जो जलस्तर बढ़ा उससे पुलकोहना, सलारपुर, डिपो, दीनदयालपुर, नक्खी घाट व आसपास क्षेत्रों में पानी लोगों को घरों में घुस गया है। इससे परेशान लोगों ने बताया कि वे अपने घर की छतों पर टेंट डालकर या किराये के मकान में शिफ्ट हो गए हैं। उन तक न तो पेयजल पहुंच पा रहा है और न ही खाना। शौचालय तक की व्यवस्था नहीं है। गंगा के बढ़े पानी ने अब तक अस्सी घाट के सुबह-ए-बनारस मंच, हरिश्चंद्र घाट, मणिकर्णिका घाट, नमो घाट समेत सभी घाटों को अपनी जद में ले लिया है। मणिकर्णिका घाट की छत पर और हरिश्चंद्र घाट की गलियों में शवदाह हो रहा है। केंद्रीय जल आयोग के अधिकारियों के अनुसार जलस्तर बढ़ने की संभावना है।
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वाराणसी में बाढ़ के चलते शवदाह में परेशानी - फोटो : अमर उजाला
शवदाह में सबसे ज्यादा परेशानी
मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट पर शवदाह करने में सबसे अधिक परेशानी हो रही है। दोनों ही घाटों पर शवदाह करने आने वाले परिजनों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। मणिकर्णिका घाट पर एक साथ सिर्फ 7 शव ही जलाए जा रहे हैं। वहीं हरिश्चंद्र घाट पर गलियों में दो या तीन शव ही जल पा रहे हैं। ऐसे में शव लेकर आए लोगों को परेशानी हो रही।

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वाराणसी में बाढ़ - फोटो : अमर उजाला
नाविकों की आजीविका पर संकट
गंगा का जलस्तर बढ़ने से करीब एक सप्ताह से नावों का संचालन रोक दिया गया है। इससे नाविकों की आजीविका पर संकट है। यह स्थिति अभी करीब डेढ़ महीने बरकरार रहेगी। ऐसे में नाविकों को आजीविका तलाशने के लिए दूसरे काम करने पड़ेंगे। जलस्तर घटने पर ही संचालन फिर से शुरू होगा।
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वाराणसी में बाढ़ - फोटो : अमर उजाला
बाढ़ पीड़ितों का दर्द
चार दिनों से घरों में पानी घुसा है। हम लोग छत पर रह रहे हैं। परिवार में 13 सदस्य हैं। घर में पानी घुसने के कारण सामान भी नुकसान हुए। प्रशासन की ओर से कोई मदद नहीं मिल रही। -बबिता देवी, सलारपुर
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वाराणसी में बाढ़ - फोटो : अमर उजाला
रास्ते में पानी आ गया है। हम लोग मड़ई में गुजारा कर रहे हैं। खाने, पीने दवा आदि की कोई व्यवस्था नहीं है। पांच लोग हैं। बच्चे भी हैं जिसमें खाने- पीने की भी समस्या हो रही है। -गुड़िया देवी, सलारपुर
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वाराणसी में बाढ़ - फोटो : अमर उजाला
खाने पीने आदि की सभी व्यवस्था खुद से कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से कोई व्यवस्था नहीं है। टैंकर लगा था लेकिन पानी अधिक होने से वहां तक जाकर पानी लाना बहुत मुश्किल है। -ज्ञानती देवी, सलारपुर
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