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काशी में बाढ़ का ऐसा नजारा...: गंगा और नाले का पानी आपस में मिले, हजारों लोगों ने दूसरे स्थान पर ली है शरण

Fri, 29 Aug 2025 01:13 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Flood in Varanasi: वाराणसी जिले में दो घंटे स्थिर होने के बाद फिर से गंगा खतरे की निशान की ओर बढ़ने लगी हैं। वहां बाढ़ से शहर के 16 मोहल्ले और 18 गांवों के 843 परिवारों के 3526 लोग प्रभावित हैं। 
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गंगा और नाले का पानी आपस में मिले - फोटो : भैरव जायसवाल
गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु को पार करने के बाद अब खतरे के निशान की ओर धीमी गति से बढ़ रहा है। सुबह दो घंटे स्थिर होने के बाद जलस्तर में आधा सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ोतरी हो रही है। गंगा में उफान के कारण शहर के 16 मोहल्ले और 18 गांव के 843 परिवार के 3526 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। वहीं 6507 किसानों की 1597.28 हेक्टेयर की फसल बाढ़ के पानी में डूब गई है।
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Flood in varanasi - फोटो : अमर उजाला
केंद्रीय जल आयोग की ओर से बृहस्पतिवार को जारी बाढ़ बुलेटिन के अनुसार सुबह छह बजे गंगा का जलस्तर 70.91 मीटर था और जलस्तर में एक सेंटीमीटर प्रतिघंटे की बढ़ोतरी हो रही थी। सात बजे से गंगा का जलस्तर एक सेंटीमीटर बढ़ने के बाद सुबह आठ बजे 70.92 मीटर पर स्थिर हो गया।
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Flood in varanasi - फोटो : अमर उजाला
दो घंटे के बाद गंगा के जलस्तर में फिर बढ़ोतरी शुरू हुई और 10 बजे गंगा का जलस्तर 70.93 मीटर दर्ज किया गया। दिन में दो बजे जलस्तर 70.95 मीटर तक पहुंच गया था। गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु 70.26 मीटर से 69 सेंटीमीटर ऊपर और खतरे के निशान 71.26 मीटर से 31 सेंटीमीटर नीचे बह रहा है।

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Flood in varanasi - फोटो : अमर उजाला
बाढ़ के कारण गंगा और वरुणा के तटीय इलाकों में बाढ़ का पानी घरों में प्रवेश कर गया है। दशाश्वमेध घाट पर शीतला मंदिर पूरी तरह से गंगा के पानी में डूब गया है। वहीं अस्सी से राजघाट के बीच घाट के तीन हजार से ज्यादा मंदिर पानी की चपेट में हैं। बाढ़ के कारण एक तहसील, 16 मोहल्ले, 18 गांव प्रभावित हैं। जिला प्रशासन की ओर से 46 बाढ़ राहत शिविर बनाए गए हैं और इसमें से 17 को सक्रिय कर दिया गया है। 

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Flood in varanasi - फोटो : अमर उजाला
बाढ़ के कारण 266 परिवार के 998 लोगों ने सुरक्षित स्थान और रिश्तेदारों के यहां शरण ली है। बाढ़ राहत शिविर में 557 परिवार के 2538 लोगों ने डेरा जमाया है। एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की 48 नावों को लगाया गया है और एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की दो टीमें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तैनात हैं।
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Flood in varanasi - फोटो : अमर उजाला
जगन्नाथ गली के रास्ते पर लगा चार फीट पानी
गंगा का जल स्तर बढ़ने के बाद नगवां नाले से पानी घुसने से रामेश्वर मठ के बगल से भागवत महाविद्यालय से होकर जगन्नाथ गली में जाने वाले रास्ते पर 4 फीट पानी लग गया है। इस रास्ते पर आवागमन बंद हो गया है। रामेश्वरमठ के भीतर पानी घुसने के बाद वहां रहने वाले विद्यार्थी दूसरे तल पर चले गए हैं। संगम पुरी कॉलोनी में दर्जन भर से अधिक परिवार पानी की चपेट में आने से परेशान हैं। यहां के रहने वाले लोगों का आरोप है कि जिला प्रशासन के द्वारा अभी तक इस बाढ़ ग्रस्त एरिया में नाव संचालन शुरू नहीं हुआ है। नगवां नाले से पानी बढ़ने के बाद पानी सोदरवीर पुल से आगे की तरफ चढ़ने लगा है।
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Flood in varanasi - फोटो : अमर उजाला
बाढ़ प्रभावित इलाकों में लगातार किया जा रहा अलर्ट
बाढ़ प्रभावित इलाकों में सैकड़ों मकान पानी की चपेट में आ गए हैं। जिला प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित इलाकों में लगातार लोगों को सतर्क किया जा रहा है। इसके साथ ही लोगों से अपील की जा रही है कि जिनके भी मकान पानी में डूब गए हैं वह छतों पर न रहें, वह अपने नजदीक के बाढ़ राहत शिविर में चले जाएं। 

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