कोरोना संक्रमण से जूझ रही पूरी दुनिया में आज भारत ने उम्मीदों के दीये रौशन किए। इस महामारी के खिलाफ जंग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का ही असर रहा कि रविवार की रात नौ बजे काशी से लगायत दक्षिण कोरिया के इंचियोन शहर तक घर की छतों और बालकनी में दीए टिमटिमाते नजर आए। काशी की बेटी प्रियंका सिंह ने जब सोशल मीडिया पर इंचियोन से अपनी तस्वीरे सांझा की तो यहां शिवपुर में मौजूद उनका पूरा परिवार गदगद हो उठा।
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दिल्ली में दिव्या सिंह और प्रशांति सिंह ने अपने अपार्टमेंट को दीपकों की रौशनी से सराबोर कर किया।
- फोटो : अमर उजाला।
प्रियंका पांच बहनों में सबसे बड़ी हैं। उनकी चारों बहनें अंतरराष्ट्रीय बास्केटबाल खिलाड़ी हैं। खेल की दुनिया में सिंह सिस्टर्स के रूप में विख्यात यह परिवार शुरू से ही सामाजिक सरोकारों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेता रहा है। रविवार को जहां प्रियंका ने इंचियोन (दक्षिण कोरिया) में दीये रौशन किए वहीं दिल्ली में उनकी बहनें दिव्या सिंह और प्रशांति सिंह ने अपने अपार्टमेंट को दीपकों की रौशनी से सराबोर कर दिया।
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वाराणसी में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवीन्द्र जायसवाल ने सपरिवार दीप जलाए।
- फोटो : अमर उजाला।
पद्मश्री सम्मान प्राप्त प्रशांति ने अपने ट्विटर हैंडल पर सबसे पहले फोटो सेंड कर देश भर से लोगों से ‘फाइट अंगेस्ट कोरोना’ मुहीम का हिस्सा बनने की अपील की। इधर, वाराणसी के शिवपुर में प्रशांति की बहनों आकांक्षा सिंह और प्रतिमा सिंह ने परिवार के सदस्यों के साथ ‘नौ बजे... नौ मिनट’ मुहिम का हिस्सा बनीं। सभी ने अपनी-अपनी तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की हैं।
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प्रियंका सिंह ने इंचियोन (दक्षिण कोरिया) में दीये जलाए।
- फोटो : अमर उजाला।
अपने सांसद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर काशी की गलियां उम्मीदों के दीप से रौशन हो उठी। रविवार को काशी के घर-घर मे दीयों की जगमग ने कोरोना से संघर्ष के विश्व व्यापी अभियान को रोशनी का संबल दिया। घाट से लेकर गलियों का हर चौबारा दीयों की रौशनी से दैदीप्यमान हो उठा।
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वाराणसी के सतुआ बाबा आश्रम में बटुक दीप जला ते हुए।
- फोटो : अमर उजाला।
रविवार को रात का नजारा हर किसी को दीयों की सकारात्मक ऊर्जा से भर गया। जैसे ही घड़ी ने नौ बजाए लोगों ने अपने-अपने घरों की लाइटें बुझा दी। फिर क्या, युवा, बुजुर्ग, बच्चे और महिलाएं पूरे उत्साह के साथ दीया, मोमबती नहीं तो टार्च और मोबाइल लेकर घरों की छत, दरवाजे और बालकनी की ओर चल पड़े। दीप जले तो ऐसा लगा कि अब कोरोना को कहीं जगह नहीं है।
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वाराणसी के लंका, साकेत नगर, असि में लोगो ने घर के बाहर, छतों पर दिये कैंडल जलाया
- फोटो : अमर उजाला।
काशी की जनता ने उम्मीदों के दीप रौशन करके तमसो मा ज्योर्तिगमय...का संदेश दिया। नौ बजने से पहले ही लोगों ने घरों और गलियों की लाइट को बंद कर दिया। नौ बजते ही घरों की छत, गलियां, सड़कें, गंगा के घाट, शहर के मठ-मंदिर दैदीप्य हो उठे। काशी की जनता ने रोग नाशक दीप जलाए।
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वाराणसी के जोगियापुर गांव में ग्रामीणों द्वारा देश के रक्षा के लिए दिया जलाया दीप।
- फोटो : अमर उजाला।
शहर से लेकर गांव तक दीप ज्योति की रौशनी ने हर किसी के मन में उम्मीदों को और मजबूत किया। महामारी के अंधकार को चुनौती देने के लिए दीप जलाने के साथ ही लोगों ने आतिशबाजी भी की। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए लोगों ने दीप जलाकर यह साबित कर दिया कि कोरोना से जंग में काशी भी उम्मीदों के दीए के साथ है। सुबह से ही घरों में लोग दीप जलाने की तैयारी में जुटे हुए थे।
वाराणसी के जवाहर नगर भेलूपुर स्थित भाजपा के क्षेत्रीय मीडिया प्रभारी नवरत्न राठी के आवास पर मंत्रोचार के साथ दीप जलाती महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला।
वाराणसी के डीरेका परिसर में एकजुटता दिखी। डीरेका अधिकारियों व कर्मचारियों ने परिवार सहित ने एकता का संदेश दिया। अपने घरों में बालकनी और छत पर दीप व मोमबती जलाए। ठीक 9 बजे डीजल रेल इंजन कारखाने का सायरन गूंज उठा पुन: 9 मिनट बाद एक बार पुन सायरन बजा। वहीं कैंट रेलवे स्टेशन व मंडुवाडीह स्टेशन पर भी दीप व मोमबती जलाएं गए।