वाराणसी में हुए निर्माणाधीन फ्लाईओवर हादसे में घायल हुए लोगों का उपचार बीएचयू के ट्रामा सेंटर सहित अन्य अस्पतालों चल रहा है। घायलों का हाल जानने के लिए यूपी के कई मंत्री अस्पताल पहुंच रहे हैं। बुधवार को सूबे के मंत्री अनिल राजभर जब अस्पताल पहुंचे तो कुछ ऐसा हुआ कि वहां मौजूद सभी की आंखें भर आईँ। आगे की स्लाइड्स में देखें..
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- फोटो : अमर उजाला
बुधवार दोपहर प्रदेश के राज्यमंत्री अनिल राजभर बीएचयू ट्रामा सेंटर पहुंचे। यहां वो बारी बारी से घायलों के पास जाकर उनका हाल ले रहे थे। परिजनों का हिम्मत बढा रहे थे। उन्होंने सभी को भरोसा दिलाया कि संकट के इस घड़ी में वो और उनकी सरकार उनके साथ है।
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एक ही लड़का है सर, उसका हाथ कट गया है। इलाज के लिए पैसे नहीं हैं, बहुत गरीब हैं। दो बजे भोर में हमसे जांच का पैसा ले लिया गया। बुधवार को बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में करीब तीन बजे जैसे ही प्रदेश के राज्यमंत्री अनिल राजभर मरीजों को देखने पहुंचे एक घायल युवक नीरज के माता-पिता फफक पड़े।
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बताया, ट्रॉमा सेंटर में उससे इलाज के नाम पर रुपये मांगे गए। इस पर मंत्री ने बिना किसी शुल्क के सभी इलाज होने की बात कही। मौके पर मौजूद ट्रॉमा सेंटर इंचार्ज ने तुरंत कहा कि कोई पैसा नहीं मांगेगा। जब परिजनों ने कहा कि जांच के लिए तो इंचार्ज ने कहा कि जांच के लिए लिया गया, यहां जांच नहीं होती है।
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ट्रॉमा सेंटर पहुंचे राजभर जब ग्रीन जोन से निकल कर रेड जोन की तरफ जा ही रहे थे कि घायल नीरज के परिजनों ने रोक लिया और पैर पकड़कर रोने लगे। कहा- साहब जी मेरे पास पैसा नहीं है। मेरे बेटे का हाथ कट गया है। वह भी हमें मंजूर है। बस हमारे इकलौते बेटे की जान बचा लीजिए। यहां लोग हमसे पैसा मांग रहे हैं। हमारे पास एक पैसा नहीं है।
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नीरज के पिता जांच के नाम पर पैसा लेने की शिकायत मंत्री से कर ही रहा था कि ट्रॉमा सेंटर इंचार्ज बीच में रोकते हुए बोले कि सुनो-सुनो इधर आओ। तुमसे कोई पैसा नहीं मांग रहा है। तुम्हारा इलाज मुफ्त में होगा, कोई दिक्कत नहीं है, समझ गए। दुबारा जब उसने दो बजे भोर में जांच के लिए पैसा मांगने की बात कही तो कहा कि किसने लिया।
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घटनास्थल पर पहुंचे सीएम योगी
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फिर बताया कि जांच के लिए तो इंचार्ज ने कहा कि जांच के लिए लिया गया न, जांच यहां पर नहीं होती है बाहर होती है। इस पर मंत्री बीच में आए और परिजनों को समझाया कि किसी तरह की समस्या पर तत्काल फोन कर बताएं, कोई परेशानी नहीं होगी। उधर, प्रोफेसर इंचार्ज की ओर से प्रेस को जारी एक बयान में किसी तरह की जांच के लिए पैसे जमा करवाने के आरोप को गलत और बेबुनियाद बताया गया है।
मरीज के परिजनों से जांच के नाम पर पैसा मांगने के आरोपों का कुलपति प्रो. राकेश भटनागर ने भी संज्ञान लिया है। कुलपति ने बताया कि इस पर उन्होंने ट्रॉमा सेंटर के प्रोफेसर इंचार्ज से बातचीत की। बताया कि किसी भी घायल से जांच और इलाज के नाम पर कोई शुल्क नहीं लिया जा रहा है। सरकार के निर्देशानुसार सभी का नि:शुल्क इलाज किया जाएगा।