Varanasi News: काशी में दुर्गा पूजा की धूम मची है। हर तरफ मां के पांडालों में गीत की गूंज सुनाई दे रही है। यहां शांति के संदेश से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक प्रचंड रूप में मां दुर्गा विराजमान हुई हैं।
नवरात्र की महाअष्टमी दुर्गा पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की आस्था उमड़ पड़ी। शहर से लेकर गांव तक, हर जगह सतरंगी छटा के बीच दर्शन-पूजन कर भक्त निहाल हो उठे। मेलों की चहल-पहल और बच्चों से लेकर युवाओं तक की भारी भीड़ उमड़ती रही। कहीं खाटू श्याम, मुरुदेश्वर, पशुपतिनाथ, बालाजी और किचकेश्वरी काली मंदिर की झलक देने वाले पंडालों में शांति का संदेश देखने को मिला, तो कहीं ऑपरेशन सिंदूर के तहत आतंकवादियों के वध की झांकी श्रद्धालुओं को विभोर कर गई।
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वाराणसी में दुर्गा पूजा।
- फोटो : अमर उजाला
दुर्गा पूजा के मेलों की विधिवत शुरुआत हुई। सुबह से पंडालों में भारी भीड़ उमड़ने लगी। रंग-बिरंगी विद्युत झालरों से जगमगाते पंडाल और सजी-धजी सड़कें लोगों को खूब लुभा रही थीं। उत्साहित युवाओं की टोली डीजे पर भक्ति गीतों की धुन पर झूमती नजर आई।
प्रदेश का सबसे ऊंचा पूजा पंडाल हथुआ मार्केट में बना है, जिसकी ऊंचाई 110 फीट है। यह कर्नाटक के मुरुदेश्वर मंदिर के स्वरूप में सजा हुआ है। यहां मां दुर्गा 18 हाथों वाले स्वरूप में विराजी हैं और उनके साथ 40 देवी-देवताओं की प्रतिमाएं भी स्थापित की गई हैं। यहां जबरदस्त भीड़ उमड़ी।
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वाराणसी में दुर्गा पूजा।
- फोटो : अमर उजाला
नई सड़क स्थित सनातन धर्म इंटर कॉलेज का पंडाल खाटू श्याम की थीम पर है, जहां लाइट एंड साउंड शो के माध्यम से मां महिषासुरमर्दिनी का रूप दर्शाया गया है। शिवपुर के मिनी स्टेडियम में पुरी के जगन्नाथ मंदिर की झांकी सजाई गई है, जिसमें मां दुर्गा शांति का संदेश देती नजर आ रही हैं।
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वाराणसी में दुर्गा पूजा।
- फोटो : अमर उजाला
लाल कुआं का पंडाल बालाजी मंदिर की तर्ज पर सजा है, जहां मां वैष्णवी बालरूप में विराजी हैं। मच्छोदरानाथ पूजा पंडाल को उड़ीसा के किचकेश्वरी काली मंदिर की थीम पर सजाया गया है। अर्दली बाजार में नेपाल के पशुपतिनाथ मंदिर की तर्ज पर बना पंडाल आकर्षण का केंद्र रहा, जहां मां दुर्गा के साथ भगवान महादेव भी विराजमान हैं।
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वाराणसी में दुर्गा पूजा।
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ऑपरेशन सिंदूर थीम पर बना अर्दली बाजार का पंडाल
जय माता सपोर्टिंग क्लब, अर्दली बाजार द्वारा ऑपरेशन सिंदूर की थीम पर पंडाल सजाया गया है, जिसमें मां काली को आतंकवादियों का वध करते हुए दिखाया गया है। इलेक्ट्रॉनिक शो के माध्यम से आतंकवादी मसूद अजहर के वध की झांकी भी प्रस्तुत की गई, जिसने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। चेतगंज के पंडाल में मां अपनी गोद में बच्चों को लिए हुए दिखाई गई हैं, जबकि लहरतारा के पंडाल में आतंकवादियों के वध की झांकी सजाई गई है।
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वाराणसी में दुर्गा पूजा।
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बंगीय पूजा पंडालों में ढाक की धुन और धुनुची नृत्य
बंगीय पूजा समितियों द्वारा सप्तमी के अवसर पर विशेष पूजा और विविध अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। संध्या पूजा के बाद कोलकाता की पारंपरिक ढाक की धुन और झारखंड के आदिवासी नृत्य के साथ महाआरती संपन्न हुई।
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वाराणसी में दुर्गा पूजा।
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विशेष रूप से महिलाओं ने धुनुची नृत्य कर मां की आराधना की। पूजा पंडालों में प्रतियोगिताओं की भी धूम रही। सिगरा स्थित भारत सेवाश्रम संघ में पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद वाद्ययंत्रों और नृत्य के साथ महाआरती आयोजित की गई। लाठी और तलवार के कौशल का प्रदर्शन भी किया गया।
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वाराणसी में दुर्गा पूजा।
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हिंदू धर्म और शिक्षा पर विशेष सम्मेलन
इस अवसर पर हिंदू धर्म के संरक्षण और शिक्षा को लेकर संस्कृत सम्मेलन का आयोजन भी किया गया, जिसमें भारत सेवा आश्रम, न्यूयॉर्क शाखा के स्वामी पूर्णात्मानंद महाराज, वृंदावन धाम के स्वामी जगन्नाथानंद महाराज, रायपुर के स्वामी शिवरूपानंद महाराज और संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के प्रो. अमित कुमार शुक्ल ने “देवी दुर्गा पूजा से सनातन संस्कृति और सनातन भारत कैसे बनाएं” विषय पर अपने विचार रखे।