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वाराणसी हादसा: जर्जर मकान के मलबे में ही दब गई मजदूरों की चीखें, तस्वीरों में देखें घटनास्थल का मंजर

Tue, 01 Jun 2021 07:03 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी

सार

वाराणसी में निर्माणाधीन श्रीकाशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर में मंगलवार तड़के जर्जर मकान हो चुका मकान भरभरा कर ढह गया। मलबे में दबने से दो मजदूरों की मौत हो गई तो वहीं सात अन्य लोग घायल हो गए। इनमें से एक की स्थिति गंभीर है जबकि छह मजदूरों को अस्पताल से छुट्टी मिल गई। हादसे के वक्त सभी मजदूर सो रहे थे। 
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विश्वनाथ कॉरिडोर में गोयनका छात्रावास का एक हिस्सा गिरा - फोटो : अमर उजाला
वाराणसी में निर्माणाधीन श्रीकाशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर में मंगलवार तड़के जर्जर मकान हो चुका मकान भरभरा कर ढह गया। मलबे में दबने से दो मजदूरों की मौत हो गई तो वहीं सात अन्य लोग घायल हो गए। इनमें से एक की स्थिति गंभीर है जबकि छह मजदूरों को अस्पताल से छुट्टी मिल गई। हादसे के वक्त सभी मजदूर सो रहे थे। इनमें से दो लोगों के उपर मलबे का बड़ा हिस्सा गिरा जिससे उनकी चीख तक नहीं निकली सकी।

हादसे में दो लोगों की मौत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया। उन्होंने वाराणसी के मंडलायुक्त को फोन कर हादसे की जानकारी ली। विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने मृतकों को 5-5 लाख मुआवजा जबकि घायलों को 50 हजार देने का ऐलान किया। इधर, इस हादसे पर सियासत भी शुरू हो गई है। मंदिर प्रशासन की ओर से हादसे में मृतकों को 5 लाख के मुआवजे के एलान बाद कांग्रेस ने योगी सरकार से मृतकों को 25 लाख रुपये मुआवजे के साथ ही मृतक आश्रितो को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। 
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विश्वनाथ कॉरिडोर में गोयनका छात्रावास का एक हिस्सा गिरा - फोटो : अमर उजाला
काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के लिए ललिता घाट स्थित गोयनका छात्रावास का अधिग्रहण किया गया है। सोमवार की रात कार्यदायी संस्था के मजदूर गोयनका छात्रावास के जर्जर हिस्से के नीचे सोए हुए थे। मंगलवार तड़के चार बजे के लगभग छात्रावास का जर्जर हिस्सा अचानक भरभरा कर गिरने से उसके मलबे के नीचे नौ मजदूर दब गए। 
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विश्वनाथ कॉरिडोर में गोयनका छात्रावास का एक हिस्सा गिरा - फोटो : अमर उजाला
चीख पुकार सुनकर घटनास्थल पर पहुंचे कॉरिडोर में तैनात पुलिसकर्मियों और एनडीआरएफ की टीम ने सभी को मलबे से बाहर निकाला और कबीरचौरा स्थित मंडलीय अस्पताल पहुंचाया। पश्चिम बंगाल के मालदा जिला के कालिया चक निवासी  अब्दुल मोमिन (25) और अमीनुल मोमिन (45) को मृत घोषित कर दिया गया। 

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विश्वनाथ कॉरिडोर में गोयनका छात्रावास का एक हिस्सा गिरा - फोटो : अमर उजाला
वहीं, इमरान, आरिफ मोमिन, शाहिद अख्तर, सकीउल मोमिन, हाकिम खान और आरिफ मोमिन को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।  मजदूर अब्दुल जब्बार के पैर में चोट लगने के कारण उसे मंडलीय अस्पताल में भर्ती किया गया है।
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विश्वनाथ कॉरिडोर में गोयनका छात्रावास का एक हिस्सा गिरा - फोटो : अमर उजाला
काशी विश्वनाथ कॉरिडोर परिसर में हुए हादसे की खबर के बाद जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। मौके पर जिले के कई आला अधिकारी पहुंचे और जांच शुरू की। इधर, इस हादसे की सूचना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिली तो उन्होंने मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल को फोन मिलाया। पीएम मोदी ने मामले की जानकारी ली और मृतकों के परिजनों को हर संभव मदद का आदेश दिया। 
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घायलों से मिलते कांग्रेस नेता - फोटो : अमर उजाला
कांग्रेस नेता अजय राय कबीरचौरा स्थित मंडलीय अस्पताल में भर्ती घायलों से मिलने पहुंचे। उन्होंने मांग की कि मृतकों को 25-25 लाख का मुआवजा और मृतक के आश्रितों को सरकारी नौकरी दी जाए। साथ ही घायलों को 5-5 लाख का मुआवजा सरकार तत्काल प्रभाव से मदद करे। उन्होंने कहा कि यह मजदूर तबका है। रोज की मेहनत ही इनकी जीविका है ऐसे में मजदूरों को समुचित मुआवजा राशि की मदद सरकार करे।
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विश्वनाथ कॉरिडोर में गोयनका छात्रावास का एक हिस्सा गिरा - फोटो : अमर उजाला
हादसे में जान गंवाने वाले दोनों मजदूरों के परिजनों को 5-5 लाख की आर्थिक सहायता दी जाएगी। वहीं, घायलों को 50-50 हजार की मदद मिलेगी। काशी विश्वनाथ मंदिर के सीईओ ने बताया कि पोस्टमार्टम की प्रक्रिया संपन्न होने के बाद दोनों मजदूरों का शव पश्चिम बंगाल स्थित उनके घर भिजवाने की व्यवस्था की गई है। मुआवजे की राशि मंदिर प्रशासन और कार्यदायी संस्था मेसर्स पीएसपी की ओर से संयुक्त रूप से दी जाएगी।
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