Varanasi News: दिल्ली में बम ब्लास्ट के बाद वाराणसी समेत आसपास के जिलों में हाई अलर्ट है। वाराणसी एयरपोर्ट पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था कर दी गई है। हालांकि काशी विश्वनाथ, संकट मोचन और कालभैरव मंदिर के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा नहीं दिखी।
दिल्ली में लाल किले के पास कार में विस्फोट के बाद काशी में भी हाई अलर्ट है। लालबहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर सुरक्षा सख्त कर दी गई। पांच स्तरीय जांच की जा रही लेकिन काशी विश्वनाथ, संकट मोचन और कालभैरव मंदिर के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा नहीं दिखी। अमर उजाला के नौ संवाददाताओं की पड़ताल में रोजाना जैसी ही गतिविधि और सुरक्षा व्यवस्था नजर आई। ठीक यही हाल रेलवे और रोडवेज स्टेशन के पास भी रही। अंदर और बाहर सुरक्षा के कोई अतिरिक्त इंतजाम नहीं दिखे। स्टेशन पर लावारिस वस्तुओं को न छूने और संदिग्ध वस्तुओं की सूचना देने की अपील की गई।
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बनारस स्टेशन पर चेकिंग
- फोटो : अमर उजाला
कैंट रेलवे स्टेशन से 80 हजार लोगों का आना-जाना, नहीं दिखी सजगता
मंगलवार की दोपहर 1:30 से 3 बजे तक कैंट स्टेशन पर कुछ जगहों पर सुरक्षा की मुस्तैदी दिखी, लेकिन प्लेटफॉर्म से फुट ओवरब्रिज तक कुछ जगहों पर सजगता नहीं नजर आई। स्टेशन परिसर में लोग बेरोकटोक बैग लेकर आते-जाते दिखे। स्टेशन परिसर में रोज 80 हजार लोग विभिन्न जगहों से आते हैं। बनारस और सिटी स्टेशन की पार्किंग में आरपीएफ और जीआरपी मुस्तैद रही।
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काशी विश्वनाथ धाम के गेट पर रोज की तरह तैनात सुरक्षाकर्मी
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काशी विश्वनाथ के आसपास सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम नहीं
काशी विश्वनाथ मंदिर गेट नंबर चार पर मंगलवार की दोपहर 12 बजे तक कमांडो और सुरक्षाकर्मी तैनात रहे। श्रद्धालुओं की रोज की तरह सामान्य चेकिंग की गई। सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम नहीं दिखे। शाम 6 बजे भी गेट नंबर चार पर लोग फोटो और वीडियो बनाते दिखे। हालांकि मोबाइल सहित अन्य उपकरण ले जाने पर पहले की तरह पाबंदी लागू रही।
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संकट मोचन मंदिर के पार्किंग में नहीं हुई चेकिंग
- फोटो : अमर उजाला
संकटमोचन में पहले बम धमका हुआ था फिर भी पार्किंग स्टैंड में जांच नहीं
शाम 5 बजे संकटमोचन मंदिर के पार्किंग एरिया में सादी वर्दी में एसआई और एक सिपाही ड्यूटी पर तैनात दिखे। मुख्य द्वार पर आम दिनों की तरह चेकिंग होती रही। गेट पर दो मेटल डिटेक्टर लगे और मंदिर की तरफ से तैनात 3 सुरक्षाकर्मी जांच करते दिखे। मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण को लॉकर में रखवाया गया। दूसरे द्वार की तरफ भी सुरक्षाकर्मी चेकिंग के बाद ही प्रवेश दे रहे थे। पार्किंग स्टैंड में कोई जांच नहीं हुई। मंदिर परिसर में सात मार्च 2006 को बम धमका हुआ था।
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गंगा आरती से दी गई दिल्ली ब्लास्ट में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि
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दशाश्वमेध घाट पर अनाउंसमेंट, गंगा आरती से दी श्रद्धांजलि
दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती के समय दशाश्वमेध थाने की पुलिस और थाना प्रभारी उपेंद्र प्रताप सिंह ने जांच-पड़ताल की। आरती के समय पर्यटकों को अनाउंसमेंट से आगाह किया गया। साथ ही आरती के माध्यम से दिल्ली ब्लास्ट में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी गई। हालांकि सिंह द्वार पर दशाश्वमेध रोड से विश्वनाथ गली में प्रवेश करने वाले गेट पर चेकिंग नहीं की गई। शीतला घाट पर डॉग स्क्वॉड, बम निरोधक दस्ते ने जांच की।
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कचहरी पार्किंग एरिया में चेकिंग
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कचहरी की पार्किंग एरिया में तलाशी
कचहरी में पुलिस काफी सतर्क रही। प्रवेश द्वार से लेकर निकास द्वार तक कड़ी नजर रखी जा रही है। दोपहर में कैंट इंस्पेक्टर शिवाकांत मिश्रा ने कचहरी के चारों तरफ वाहन पार्किंग की तलाशी ली। सभी वाहनों की जांच की। एक स्कॉर्पियो वाहन में ब्लैक फिल्म व हूटर मिलने पर उसे सीज किया।
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बाबतपुर एयरपोर्ट पर वाहनों की चेकिंग
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एयरपोर्ट पर कड़ी निगरानी पांच स्तरीय सुरक्षा घेरा
बाबतपुर एयरपोर्ट की सुरक्षा भी कड़ी कर दी गई। टर्मिनल बिल्डिंग के अंदर यात्रियों की पांच स्तरीय सुरक्षा जांच की जा रही है। सीआईएसएफ ने एयरपोर्ट परिसर में चेकिंग अभियान चलाया। पार्किंग क्षेत्र में खड़े वाहनों की जांच की गई। संदिग्ध दिखने वाले कुछ वाहन चालकों से पूछताछ भी की गई। सीआईएसएफ कमांडेंट सूचिता सिंह ने बताया कि सभी बिंदुओं पर जांच हो रही है।
नमो घाट पर शाम 7 बजे के बाद सन्नाटा
मंगलवार शाम 5:30 बजे तक घाट पर कम भीड़ थी। शाम को गंगा आरती में दूसरे राज्यों से आए कुछ पर्यटक पहुंचे। शाम 7 बजे के बाद घाट खाली हो गया। नमो घाट पर हर गतिविधि पर पुलिस की नजर रही।
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बनारस स्टेशन पर चेकिंग
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सारनाथ में भी जांच
भगवान बुद्ध के ज्ञान स्थलीय सारनाथ में कड़ी सुरक्षा रही। सारनाथ रेलवे स्टेशन और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अभियान चलाया गया।
बीएचयू स्थित विश्वनाथ मंदिर में कोई सुरक्षाकर्मी नहीं
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सुरक्षा कम दिखी, पेट्रोलिंग हुई
बीएचयू परिसर के विश्वनाथ मंदिर में रूटीन की तरह से 5-6 गार्ड और एक सुपरवाइजर दिखे। मंदिर परिसर में प्रवेश करने पर लगा कि हर दिन के मुकाबले भक्तों और पर्यटकों की भीड़ कुछ कम है। छात्र-छात्राओं के दर्शन करने की भीड़ हर दिन के जैसे ही रही। सुरक्षा व्यवस्था भी कम ही थी।