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Chhath Puja 2020: कोरोना पर आस्था भारी, व्रती महिलाओं ने उगते सूर्य को दिया अर्घ्य, देखें तस्वीरें

Sat, 21 Nov 2020 02:40 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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बनारस में गंगा में खड़ी होकर महिलाओं ने सूर्य को दिया अर्घ्य। - फोटो : अमर उजाला
उग हो सूरज देव, भइल अरघ के बेर, जल बीच खाड़ बानी कांपता बदनवां... भक्ति भाव में डूबे हुई छठ व्रतियों ने गाय के दूध से उदीयमान सूर्य को अर्घ्य दिया और हवन के बाद चार दिवसीय आस्था व प्रकृति पूजा का महापर्व छठ संपन्न हो गया। छठ महापर्व को लेकर शिव की नगरी काशी भक्ति के माहौल में डूबा रहा। शहर में चारों ओर छठ मैया के गीतों की धुन सुनाई देती रही। अर्धचन्द्राकार गंगा घाट व प्रमुख तालाबों के तट पर मनोरम दृश्य देखने को मिला।
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उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पण करने के साथ पर्व का समापन हुआ। अर्घ्य प्रदान करने के साथ ही प्रसाद ग्रहण करने का सिलसिला शुरू हुआ और इसी के साथ ही लंबे समय तक व्रत उपवास रखने वाले छठ व्रतियों ने जल छठ मैया का प्रसाद ग्रहण कर व्रत तोड़ा। प्रगाढ़ आस्था और भक्ति का त्योहार में छठ व्रती से लेकर उनके परिजन और आसपास क्षेत्र के लोगों में चार दिन तक उत्साह बना रहा।
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बैंड बाजा और छठी मैया के गीत के साथ स्थानीय लोग भी काफी संख्या में घाट तक पहुंचे। वहीं, कई महिलाओं ने कोरोना की वजह से अपने-अपने घरों की छत पर पूजा की और भगवान भास्कर को अर्घ्य दिया। श्रद्धालु सुबह करीब 4 बजे से ही गंगा घाट की ओर डाला के साथ रवाना हो गए।

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सूर्य की लालिमा देखते ही व्रती एवं श्रद्धालुओं के चेहरे पर प्रसन्नता झलकने लगी। इससे पूर्व व्रती तथा श्रद्धालु ने घंटों भगवान सूर्य के उगने का इंतजार जल में खड़े होकर किया। व्रती के जल से निकलने के बाद लोगों ने उनके पांव छुए और आशीष प्राप्त किया। इस दौरान व्रतियों ने पुरूषों को टीका लगाया और महिलाओं की मांग में सिंदूर दिया तथा उनके सुहाग की दीघार्यु होने की प्रार्थना की।
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अर्घ्य देने के बाद लोगों में प्रसाद प्राप्त करने की होड़ लग गई। लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। छठ पूजा को लेकर काशी के गंगा घाट व प्रमुख कुंडों के पास प्रशासन द्वारा पुख्ता व्यवस्था की गई थी। प्रमुख स्थलों पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी।
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मौसमी फल, ठेकुआ और गन्ने से सजाया सूप
डूबते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए घाट पर आई व्रती महिलाओं ने ठेकुआ, रोट, कसर, नारियल, मूली समेत अन्य चीजों से बांस की टोकरी और सूप को सजाया था। भगवान भास्कर और छठ मैया को मौसमी फल के साथ घर पर बनाए ठेकुआ समेत अन्य फल चढ़ाए गए।
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नहीं दिखा कोरोना प्रोटोकाल का पालन
छठ पर्व पर अर्घ्य देने के लिए लोग गंगा किनारे पहुंचे। कुछ लोग जहां सरकार की ओर से जारी कोरोना संबंधित गाइडलाइन का पालन कर रहे थे तो अधिकांश लोग बिना मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग के नियम की धज्जियां उड़ाते नजर आए। घाट पर आई महिलाएं भी बिना मास्क और जरूरी एहतियात के पालन के बिना ही पूजा कर रही थीं।
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