अर्घ्य के लिए समय से पहले लोग दूध की व्यवस्था में जुट गए थे, तो वहीं कुछ स्थानों पर पूजा कमेटियों ने मुफ्त दूध की व्यवस्था की थी। इससे पहले घाटों पर पहुंचकर व्रती महिलाओं ने अपनी बेदी के पास रंगोली बनाया, सूप में एक दिन पहले चढ़ाए गए ठोकवा, पुआ आदि को बदलकर ताजा रखा।