डॉग स्क्वॉयड और फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंच गई। सूचना के लगभग पांच घंटे बाद पहुंचे पुलिस अधिक्षक रामबदन सिंह ने संदिग्ध नक्सलियों के दिए धमकी पत्र को बहुत बारीकी से पढ़ा। धमकी पत्र में रुपयों को किस स्थान पर पहुंचाना है, विधिवत नक्शा बनाया हुआ था। साथ ही रुपयों को लालानगर-ज्ञानपुर मार्ग स्थित नहरा के पास एक स्थान पर पहुंचाने की बात दर्शाई गई थी। पुलिस अधिक्षक ने ग्राम प्रधान और व्यापारी से पूछताछ कर मामले की जानकारी ली।
करीब छह घंटे बाद बम डिस्पोजल दस्ता पहुंचा। देरी से पहुंचने पर गांव वाले आक्रोशित हो गए। जब बम निरोधी दस्ते छानबीन करके बम को जैसी वस्तु को खोला, तो उसमें पेपर की कटिंग करके चार गड्डियों को कपड़े में लपेट कर ऊपर से हरे कागज से पैक किया गया था। बरामद चिट्ठी में लिखा था कि दो लाख का डेमो जैसे रखा है, वैसे ही दो लाख पैक करके देना।
मौके पर बम न होने से लोगों की जान में जान आई। अब पुलिस आगे की कार्रवाई में जुट गई है।