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वाराणसी नाव हादसा: पांच साल बाद मिले पांच दोस्त, पलभर में दो हो गए दूर, तलाश में तीन टीमें गंगा की गहराई में उतरीं

Mon, 07 Dec 2020 01:04 AM IST
विचित्र सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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सूचना पर पहुंचे परिजन। - फोटो : अमर उजाला।
वाराणसी में रविवार शाम भदैनी घाट के सामने नाव पलट गई। हादसे में नाव पर सवार 11 लोग डूब गए। एनडीआरएफ समेत अन्य रेस्क्यू टीम ने नौ लोगों को बचा लिया। नाव में पांच छात्रों का ग्रुप था जो पांच साल बाद मिले थे। हादसे में दो छात्र अभी लापता हैं जिससे पांच साल बाद मिलने की खुशी पलभर में छिन गई। सभी अपने साथी की सही सलामती की दुआ कर रहे हैं। गंगा में एनडीआरएफ, पीएसी एवं जल पुलिस की टीमें गहराई तक तलाश में जुटी हैं। कई जगह जाल भी लगाए गए हैं...
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नाव पलटने के बाद मौके पर जुटे लोग। - फोटो : अमर उजाला।
इस हादसे में डूबने से बचाए गए छात्र भोजूबीर के विशाल सोनकर ने बताया कि हम सभी पांच साल बाद मिले थे। हमारे ग्रुप में भोजूबीर के ही विशाल सिंह और अभिषेक मौर्य, पिशाचमोचन की श्रेया, सुंदरपुर की सृष्टि थीं। हादसे में विशाल सिंह और अभिषेक मौर्य का अभी सुराग नहीं लग सका है। सभी उदय प्रताप पब्लिक स्कूल में एक साथ पढ़े थे। सभी लोगों ने फोन पर बातकर रविवार को मिलने की प्लान बनाया। इसके बाद अस्सी घाट पहुंचे।
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मौके पर पहुंचे एसएसपी और एनडीआरएफ के अधिकारी। - फोटो : अमर उजाला।
अस्सी घाट से सभी ने एक छोटी नाव की और दशाश्वमेध की ओर घाट घूमने के लिए निकले। नाव छोटी थी, फिर भी नाविक मनोज कुमार साहनी ने छह अन्य लोगों को भी नाव में बैठा लिया। इसके बाद नाव रवाना हुई। सभी नाव के सफर का आनंद ले रहे थे। इसी दौरान भदैनी घाट के पास पहुंचते ही नाव डगमगाने लगी तो सभी सहम गए।

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नाव पलटने के बाद मौके पर जुटे लोग। - फोटो : अमर उजाला।
देखते ही देखते नाव में पानी भरने लगा। बताया कि पानी भरता देख नाव सवार लोगों ने शोर मचाना शुरू किया तो आसपास के नाविक मदद के लिए बढ़े। जब तक कोई कुछ समझता नाव डूब चुकी थी। आसपास मौजूद लोगों का कहना था कि नाव डूबती देख नाविकों ने गंगा में कूदकर डूबे लोगों को बचाने में जुट गए। देखते ही देखते घाट पर लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना पर पहुंची एनडीआरएफ और जल पुलिस ने स्थानीय नाविकों और गोताखोरों की मदद से नौ लोगों को बाहर निकाला। जबकि दो लोगों का सुराग नहीं लग सका।
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विशाल सोनकर - फोटो : अमर उजाला।
वहीं बचाए गए विशाल सोनकर का कहना है कि इतने बड़े हादसे का अहसास नहीं था। पलभर में मौत के मुंह से वापस लौटकर आया हूं। कहा कि अपने दोनों साथी अभिषेक मौर्य और विशाल सिंह की सही सलामती की ईश्वर से कामना करता हूं। डूबे साथी विशाल सिंह पंजाब से एमसीए कर रहा है और अभिषेक मौर्य बीटेक किया हैै। अभिषेक सिविल सर्विस की तैयारी के लिए प्रयागराज जाने की बात कर रहा था।
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