छात्रों ने कार में लगाई थी आग
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अंजूलता ने बताया कि दृश्य कला संकाय से निकलकर अभी एंफीथिएटर के पास पहुंचे ही थे कि सामने से आ रही एंडीवर ने पहले धक्का मारी फिर घसीटते चली गई, इसके बाद क्या हुआ कुछ याद नहीं है। उधर, राकेश भी घटना को याद कर उदास हो जा रहा है। राकेश के मुताबिक वे अपने साइड से जा रहे थे लेकिन जिस तरह से तेज रफ्तार से एंडीवर गाड़ी आई और ठोकर मारी, कुछ पता नहीं चला कि आखिर कब, क्या हो गया। बताया कि चिंता उस दोस्त की है, जिसकी गाड़ी मेरी वजह से टूट गई। हादसे के जख्म के साथ ही राकेश अपने सपने को साकार करने के प्रति चिंतित है। हालांकि ट्रॉमा सेंटर में परिवारीजनों के साथ ही विभाग के छात्र-छात्रा और शिक्षक भी हर दिन पहुंचकर हालचाल ले रहे हैं।