भरत मिलाप में होती है लाखों की भीड़।
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यदुवंशियों की परंपरा भी जानी
जापानी दल ने भरत मिलाप में यदुवंशी समाज की भूमिका और उसकी परंपरा को भी समझा। काशी की सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक समरसता का प्रतीक यह परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है। यदुवंशी समाज के लोग भगवान श्रीराम के पुष्पक विमान रूपी रथ को अपने कंधों पर उठाकर लीला स्थल तक लाते हैं। करीब छह टन वजनी इस रथ को कंधों पर उठाकर ले जाने का दृश्य श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण होता है। रथ पर भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और माता जानकी के साथ हनुमान, सुग्रीव, जामवंत और अंगद विराजमान होते हैं। लीला समिति के पदाधिकारी भी इसमें शामिल रहते हैं।