कहने को लिट्टी चोखा बिहार का मशहूर हैं लेकिन काशी के पॉपुलर बाटी चोखा की बात ही निराली है। एक बार इसका जायका जुबान को लगा नहीं कि आप इसके दीवाने हो जाएंगे। काशी के इस बाटी चोखा के आगे बिहार के लिट्टी चोखा का स्वाद भी आपको फीका सा लग सकता है। देशी घी में डूबी सत्तू भरी बाटी के साथ खास मसाले से तैयार चोखा और उसके साथ तला हुआ मिर्च, वाकई स्वाद को दोगुना कर देता है। जी हम बात कर रहे हैं सिगरा के चंद्रिकानगर में ठेले पर लगने वाले ‘पॉपुलर बाटी चोखा’ की। आगे की स्लाइड्स में देखें...
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bati chokha
- फोटो : amar ujala
कालोनी के मोड़ पर ही दाईं तरफ पप्पू कुमार की ये बाटी चोखा का ठेला लगता है। कई बैंक, नगर निगम और कई ऑफिस होने की वजह से यहां काफी भीड़ लगती है। यूं तो यहां कई एक बाटी चोखा की अस्थायी दुकानें लगती है लेकिन जो भीड़ इनके यहां होती है, उतनी कहीं नहीं।
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- फोटो : amar ujala
11 बजे से लेकर शाम आठ बजे तक तकरीबन 350 से 400 ग्राहक प्रतिदिन यहां आ जाते हैं। पप्पू बताते हैं कि अपने भाई गुड्डू कुमार के साथ वो तकरीबन 17 साल पहले बिहार से यहां आए थे और तभी से यही काम कर रहे हैं। उस वक्त पांच रुपये में मिलने वाली ये बाटी आज 35 रुपये की हो गई है।
बताते हैं कि बाटी के लिए सत्तू किसी दुकान से लेने की बजाय वो खुद तैयार करते हैं। चोखे में बैगन, आलू, टमाटर के अलावा खास तरह का मसाला भी डालते हैं जो इसे दूसरों से अलग करता है। बताते हैं आजकल लोग ओवन में भी बाटी बनाने लगे हैं लेकिन कंडे पर तैयार बाटी की बात ही कुछ और होती है।