बनारस देश की सांस्कृतिक राजधानी कहलाती है। ये शहर इतिहास से भी पुरातन है, परंपराओं से पुराना है। किवदंतियों से भी प्राचीन। मंदिर और घाटों का ये शहर देश में धार्मिक पर्यटन का नया अध्याय लिख रहा है। देश का इकलौता शहर है, जहां के नौ बड़े मंदिरों में हर दिन सात से आठ लाख लोग दर्शन-पूजन करते हैं। यह आंकड़ा कई देशों की पूरी आबादी से भी ज्यादा है। देश के कुल पर्यटन में 60 फीसदी धार्मिक पर्यटन शामिल है। इसमें सर्वाधिक हिस्सेदारी काशी की है।
काशी विश्वनाथ मंदिर में सामान्य दिनों में हर दिन डेढ़ लाख श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। सोमवार को यह आंकड़ा दो लाख पार कर जाता है। सावन में हर दिन चार लाख श्रद्धालु दर्शन-पूजन करने आ रहे थे। सावन सोमवार के दिन श्रद्धालुओं की संख्या छह से सात लाख पहुंच जाती थी। इसी तरह कैथी मार्कंडेय महादेव मंदिर में पूर्वांचल के अलग-अलग जिलों से हर दिन एक लाख से ज्यादा लोग दर्शन के लिए आते हैं। सावन में हर सोमवार को दर्शनार्थियों का आंकड़ा 4.5 लाख से पांच लाख रहता है।