धार्मिक व सांस्कृतिक नगरी काशी में तो हर महीने ही देश और विदेश से सैलानी काफी ज्यादा संख्या में पहुंचते हैं। यहां प्रसिद्ध तीर्थ स्थल से लेकर पर्यटक स्थल भी मौजूद हैं। आप यहां खूबसूरत घाट और मंदिर का दीदार कर सकते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं बनारस शहर के आसपास भी ऐसी कई जगहें हैं जो काफी प्रसिद्ध है।
भारत में घूमने की इतनी जगह हैं कि हर कोई इनके बारे में जानने के लिए उत्सुक रहता है। देश के कोने-कोने में कई ऐसे पर्यटन स्थल हैं, जो पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। वैसे तो पर्यटक हिल स्टेशन की तरफ ज्यादा खींचे चले जाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि धार्मिक व सांस्कृतिक नगरी काशी में तो हर महीने ही देश और विदेश से सैलानी काफी ज्यादा संख्या में पहुंचते हैं। यहां प्रसिद्ध तीर्थ स्थल से लेकर पर्यटक स्थल भी मौजूद हैं। आप यहां खूबसूरत घाट और मंदिर का दीदार कर सकते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं बनारस शहर के आसपास भी ऐसी कई जगहें हैं जो काफी प्रसिद्ध है। तो चलिए इस विश्व पर्यटन दिवस के मौके पर आपको बनारस घूमने की कुछ खास जगहों के बारे में बताते हैं, जहां जाकर यकीनन आपका दिल खुश हो जाएगा।
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काशी विश्वनाथ मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
बाबा विश्वनाथ मंदिर
काशी नगरी में आने वाले पर्यटक बाबा विश्वनाथ के दर्शन करने जरूर जाते हैं। यहां दर्शन-पूजन करने के बाद आप यहां की तंग गलियों से होते हुए गंगा घाटों की तरफ जा सकते हैं, जहां से शाम की गंगा आरती के दर्शन कर सकते हैं।
बनारस में घूमने की जगहें: काशी विश्वनाथ धाम के अलावा आप बीएचयू विश्वनाथ मंदिर, दशाश्वमेध घाट, अस्सी घाट, मणिकर्णिका घाट, मान मंदिर घाट, दुर्गाकुंड मंदिर, नमो घाट, तुलसी मानस मंदिर, नेपाली मंदिर ललिता घाट, संकट मोचन मंदिर, रामनगर किला, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, भारत माता मंदिर, मृत्युंजय महादेव मंदिर, टीएफसी आदि घूम सकते हैं।
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बनारस
काशी के घाट
वाराणसी में कुल 84 घाट हैं और यहां पहुंचने वाले पर्यटक इन घाटों पर जाना पसंद करते हैं और यहां जाकर मोक्ष की डुबकी लगाते हैं। यहां लोग बोट राइडिंग का भी लुत्फ उठाते हैं। यहां घूमने के लिए मणिकार्णिका घाट और अस्सी घाट काफी मशहूर है। आप यहां घूमने जा सकते है।
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सारनाथ
- फोटो : अमर उजाला
सारनाथ
आप सरनाथ जा सकते हैं और यहां जाकर आप सुकून के पल बिता सकते हैं। सारनाथ एक प्रसिद्ध बौद्ध तीर्थ स्थल है जो वाराणसी से लगभग 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। शांत वातावरण में कुछ समय बिताने के लिए यह स्थान काफी अच्छा है। इसी स्थान पर गौतम बुद्ध ने अपना पहला उपदेश दिया था। सारनाथ में घूमने की जगह काफी लोकप्रिय है जिसमे अशोक स्तंभ, चौखंडी स्तूप, पुरातत्व संग्रहालय, तिब्बती मंदिर, धमेख स्तूप, मठ और थाई मंदिर आदि शामिल हैं।
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चुनार किला
- फोटो : अमर उजाला
चुनार की किला
बनारस में घूमने की जगह की सूची में चुनार का किला भी सबसे आकर्षक स्थलों में से एक है। यह शहर से 40 किलोमीटर दूर मिर्जापुर जिले में गंगा नदी के तट पर स्थित है। किला 34000 वर्ग फुट आकार में फैला हुआ है। किले का निर्माण उज्जैन के राजा विक्रमादित्य ने अपने भाई भरथरी के लिए करवाया था। किला ऐतिहासिक रूप से उल्लेखनीय है। किले का गढ़ वाला हिस्सा जिसमें तोपें हैं आज भी देखे जा सकते हैं। यहां की वास्तुकला स्पष्ट रूप से आगरा के किले से मेल खाती है।
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राजदरी प्रपात का मनोहारी दृश्य।
राजदरी और देवदरी जलप्रपात
वाराणसी से करीब 70 किलोमीटर की दूरी पर राजदरी और देवदरी जलप्रपात हैं। यह चंदौली के नौगढ़ के जंगलों में स्थित है। जब चंद्रप्रभा डैम से छोड़ा गया पानी कई मीटर की ऊंचाई से नीचे गिरता है तो ये बेहद ही आकर्षित लगता है। इस जलप्रपात की खूबसूरती को निहारने के लिए सर्च टॉवर भी लगा है। यहां तक पहुंचनेके लिए आपको चंद्रपुर वन्य जीव अभ्यारण्य जाना होगा।
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लखनिया दरी जल-प्रपात
- फोटो : अमर उजाला
वाराणसी शहर के करीब 50 किलोमीटर की दूरी पर मिर्जापुर में लखनिया दरी (जलप्रपात) स्थित है। करीब 100 मीटर की ऊंचाई से नीचे गिरता पानी देखने में बेहद ही आकर्षित लगता है। इसके चारों तरफ ऊंचे-ऊंचे पेड़ पौधे हैं। यहां छुट्टियों में लोग पिकनिक मनाने आते हैं। बरसात के दिनों में यहां जाने की मनाही होती है। इसी से सटा सिद्धनाथ की दरी भी है।
वाराणसी के 84 घाटों में से एक नाम है नमो घाट का। राजघाट और आदिकेशव घाट के बीच नमो घाट है, जो बेहद खूबसूरत है। इस घाट पर आप अपनी कार से भी सीधे पहुंच सकते हैं या फिर आप नाव से भी भ्रमण करके जा सकते हैं। इस घाट की लंबाई करीब 900 मीटर है।