कोरोना संक्रमण की वजह से सर्व विद्या की राजधानी काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में भले ही एक सितंबर से कक्षाएं खोले जानी हैं। लेकिन इसके पहले ही परिसर में बवाल शुरू हो गया है। इसको लेकर कहीं न कहीं बीएचयू में सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगा है। परिसर में प्रॉक्टोरियल बोर्ड की भारी भरकम फौज है, आंतरिक खुफिया सेल भी है। जगह-जगह-सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं।
इसके बाद भी मारपीट, पत्थरबाजी, पेट्रोल बमबाजी और शिक्षकों को बंधक बनाने जैसी घटनाएं हो रही है, जिसकी भनक भी नहीं लग पा रही है। महामना की बगिया बीएचयू में छात्रों के बीच हुई मारपीट और पत्थरबाजी मामले में प्रॉक्टोरियल बोर्ड औऱ स्थानीय एलआईयू को भनक तक नहीं लगी। जबकि हफ्ते भर से छात्रों की जुटान हॉस्टलों में होने लगी थी।
बृहस्पतिवार को भी देर रात 11.45 बजे से आधा घंटे तक मारपीट व उसके बाद पत्थरबाजी की घटना हुई। बिड़ला सी और राजाराम हॉस्टल के छात्रों के बीच हुई इस घटना के बाद दोनों पक्षों को समझाने के लिए प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्य देर रात तक जुटे रहे। बताया जा रहा कि कुछ छात्र हॉस्टल में बैठकर नशा कर रहे थे इसी बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखें आगे की स्लाइड्स..
विज्ञापन
2 of 8
बीएचयू वाराणसी यूपी: राजाराम और बिड़ला हॉस्टल के छात्रों के बीच संघर्ष
- फोटो : अमर उजाला
बृहस्पतिवार देर रात की घटना के बाद बीएचयू प्रशासन की चिंताएं बढ़ गईं है। दरअसल, परिसर में एक सितंबर से अंतिम वर्ष की कक्षाओं के चलाए जाने और नियमानुसार हॉस्टल के आवंटन का आदेश हाल ही में जारी हुआ है। ऐसे में इस घटना से विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हड़कंप मच गया है। जब बिना कक्षाओं के चलने के समय का यह हाल है तो जब कक्षाएं शुरू हो जाएंगी और हॉस्टल में छात्र आने लगेंगे तो ऐसी घटनाओं को रोकना और मुश्किल हो जाएगा।
विज्ञापन
3 of 8
बीएचयू वाराणसी यूपी: राजाराम और बिड़ला हॉस्टल के छात्रों के बीच संघर्ष
- फोटो : अमर उजाला
जिस तरह से बृहस्पतिवार को बिड़ला सी और राजाराम हॉस्टल के छात्रों के बीच मारपीट, पत्थरबाजी, चलने की घटना हुई, उसमें भी विश्वविद्यालय की आतंरिक सुरक्षा व्यवस्था कहीं न कहीं कमजोर साबित हुई। रात करीब पौने बारह बजे मारपीट, पत्थरबाजी आधे घंटे तक होती रही लेकिन रोकने का कोई ठोस प्रयास नहीं किया गया।
4 of 8
बीएचयू वाराणसी यूपी: राजाराम और बिड़ला हॉस्टल के छात्रों के बीच संघर्ष
- फोटो : अमर उजाला
बृहस्पतिवार देर रात बिड़ला और राजाराम हॉस्टल के छात्रों के बीच मारपीट, पत्थरबाजी की सूचना पाकर पुलिस कैंपस में पहुंची, लेकिन बहुत देर तक पुलिस के कुछ अधिकारी और पुलिस कर्मी महिला महाविद्यालय के पास ही खड़े रहे। यहां कुछ और फोर्स के आने का इंतजार होता रहा। जब फोर्स आई तब पुलिस के जवान हॉस्टल की ओर बढ़े।
विज्ञापन
5 of 8
बीएचयू वाराणसी यूपी: राजाराम और बिड़ला हॉस्टल के छात्रों के बीच संघर्ष
- फोटो : अमर उजाला
बीएचयू परिसर में इस साल आठ महीने में यह मारपीट, पत्थरबाजी की चौथी घटना है। इस साल सबसे पहले मार्च में परिसर में विश्वनाथ मंदिर के पास लाल बादुर शास्त्री हॉस्टल और बिड़ला हॉस्टल छात्रों के बीच मारपीट, पत्थरबाजी हुई थी। इसके बाद जून महीने में मेडिकल छात्रों और बिड़ला हॉस्टल के बीच मारपीट की घटना हुई। 16 अगस्त को परिसर में इकोनॉमिक्स की छात्रा के साथ छेड़खानी और मारपीट की घटना हुई। अब बृहस्पतिवार को भी छात्रों के दो गुट आपस में भिड़े।
विज्ञापन
6 of 8
बीएचयू वाराणसी यूपी: राजाराम और बिड़ला हॉस्टल के छात्रों के बीच संघर्ष
- फोटो : अमर उजाला
बीएचयू में हुई मारपीट मामले में दोनों पक्षों ने तहरीर दी है। जिसमें एक दूसरे पर मारपीट तोड़फोड़ और लूट का आरोप लगाया है। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
7 of 8
बीएचयू वाराणसी यूपी: राजाराम और बिड़ला हॉस्टल के छात्रों के बीच संघर्ष
- फोटो : अमर उजाला
काशी हिंदू विश्वविद्यालय में छात्रों के बीच हुई मारपीट और पत्थरबाजी मामले में प्रॉक्टोरियल बोर्ड औऱ स्थानीय एलआईयू को भनक तक नहीं लगी। जबकि हफ्ते भर से छात्रों की जुटान हॉस्टलों में होने लगी थी। बताया जा रहा है कि बिरला हॉस्टल में बाहरी छात्रों की जुटान अधिक है। प्रॉक्टोरियल बोर्ड की ओर से चेकिंग नहीं होने के चलते बाहरी छात्रों की आवाजाही अधिक है।
बीएचयू में बृहस्पतिवार रात पौने 12 बजे मामूली विवाद के बाद राजाराम और बिड़ला हॉस्टल के छात्र आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते दोनों हॉस्टलों के छात्रों की तरफ से पत्थरबाजी शुरू हो गई। इस दौरान पेट्रोल बम चले और हवाई फायरिंग भी हुई। सूचना पाकर प्रॉक्टोरियल बोर्ड और कई थानों की पुलिस व पीएसी मौके पर पहुंची। उग्र छात्रों को पुलिस और प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्य दूर से समझाते रहे, लेकिन छात्र मानने को तैयार नहीं थे। बीएचयू चौकी इंचार्ज राजकुमार पांडेय को भी हाथ व पैर में चोटें आई हैं। https://www.youtube.com/watch?v=4ptWHCnueq4