बलिया के रेवती थाना क्षेत्र के दुर्जनपुर गांव में कोटे की दुकान आवंटन के दौरान प्रशासनिक और पुलिस अफसरों के सामने हुई हत्या के बाद गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। बस पुलिस की मौजूदगी के चलते शुक्रवार को सारा गांव छावनी में तब्दील नजर आया।
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मृतक की बेटी बेहोश हुई
- फोटो : अमर उजाला
गांव में आम लोगों के बजाय पुलिसकर्मी और सरकारी अधिकारी ही सड़क पर नजर आ रहे थे। जयप्रकाश पाल के आवास, पंचायत भवन के अलावा पूरे गांव में सन्नाटा पसरा रहा। मृतक की पत्नी और बेटी रोते-रोते बेहोश हो जा रही हैं। मृतक की बेटी सुमन का कहना था कि उसके पिता की जान के बदले जान चाहिए।
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मृतक के घर जमा लोग
- फोटो : अमर उजाला
जिसने उसके पिता की जान ली है, वह उसकी जान लेना चाहती है। वहीं, पत्नी धर्मशीला ने बच्चों की परवरिश के लिए 50 लाख की आर्थिक सहायता और एक बच्चे को सरकारी नौकरी की मांग की। सात ही आरोपियों की तत्काल गिरफ्तार करने को कहा।
एडीजी ने दिया न्याय का भरोसा
अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी ब्रजभूषण शुक्रवार की दोपहर करीब 12 बजे दुर्जनपुर पहुंचे। घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद उन्होंने मृतक जयप्रकाश पाल की पत्नी धर्मशीला देवी, बेटी सुमन और दूसरे परिजनों से मिलकर सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वज्र वाहन के आगे खड़ी हो गईं महिलाएं
जब मृतक जय प्रकाश पाल का शव दाह संस्कार के लिए बज्र वाहन से पुलिस ले जाने लगी तो गांव की महिलाएं वाहन के सामने खड़ी हो गईं। उनकी मांग थी कि पहले प्रशासन 50 लाख रुपया व घर के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का लिखित आश्वासन दें। आरोपियों की गिरफ्तारी शीघ्र करने का भरोसा दिलाए। तभी वे शव जाने देंगी। काफी मशक्कत के बाद पुलिसकर्मियों ने उन्हें बज्र वाहन के सामने से हटाया और गाड़ी को बढ़ा दी।