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Azamgarh Aircraft Crash: मलबा इकट्ठा होने के बाद हुई पहचान, फ्रांस की इस कंपनी का था विमान

Wed, 23 Sep 2020 11:54 AM IST
गीतार्जुन गौतम अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़
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क्रैश हुआ विमान और कंपनी का लोगो। - फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में सोमवार को जो एयरक्राफ्ट क्रैश हुआ था, वह विमान फ्रांस की कंपनी का था। इस हादसे में ट्रेनी पायलट कोणार्क शरन की मौत हो गई थी। वहीं विमान कैसे क्रैश हुआ जांच कमेटी इस बारे में अभी लगी हुई हैं।
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टुकड़ों में बंटा विमान। - फोटो : अमर उजाला
क्रैश होने के बाद एयरक्राफ्ट के छोटे-छोटे टुकड़े हो गए। विमान का मलबा इकट्ठा किया गया। पता चला कि विमान के मलबे पर फ्रांसीसी कंपनी सोकाटा का नाम दर्ज है। यह फ्रांस की एक एविएशन कंपनी है जो व्यावसायिक विमान, छोटे व्यक्तिगत या प्रशिक्षण विमान के साथ ही एयरबस भी बनाती है। टीबी-20 टाइप के इस विमान पर फरवरी 1999 की तारीख पड़ी हुई थी। 
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विमान लिखी जानकारी। - फोटो : अमर उजाला
आजमगढ़ में खराब मौसम के कारण सुबह 11:15 बजे विमान सरायमीर के कोलपुर कुसहां और मंजीरपट्टी के बीच सिवान में गिर पड़ा। तेज धमाके की आवाज सुनकर लोग दौड़े तो विमान कोलपुर कुसहां में धान और ईंख के खेतों के बीच गिरा पड़ा था जबकि पायलट का शव गांव के पास मिला।

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ट्रेनी पायलट कोणार्क शरन, क्रैश हुआ एयरक्राफ्ट। - फोटो : अमर उजाला
बाबतपुर एयरपोर्ट (वाराणसी) अथॉरिटी ने बताया कि अमेठी के फुरसतगंज स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी से सुबह 10.20 पर प्रशिक्षु पायलट कोणार्क शरन ने टीबी-20 विमान से सोलो प्रशिक्षण के लिए उड़ान भरी थी। विमान 11 बजे तक बाबतपुर हवाई अड्डे के रडार पर था।
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- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद संपर्क कट गया था। यह ट्रेनिंग के लिए प्रयोग किया जाना वाला टू सीटर विमान था। सोमवार शाम को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय अकादमी अमेठी और नागरिक उड्डयन विभाग दिल्ली की टीमें भी पहुंचीं। अमेठी की टीम पड़ताल के बाद लौट गई जबकि दूसरी टीम रुकी हुई है।
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एसपी सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि यह एक ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट था। अमेठी के फुरसतगंज से उड़ा था। मऊ के लिए उड़ान भरी थी। यहां से वापस होना था। खराब मौसम में संपर्क टूटने से क्रैश हो गया।
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इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी। - फोटो : अमर उजाला
125 घंटे उड़ान भर चुका था पायलट
पलवल हरियाणा निवासी प्रशिक्षु पायलट 21 वर्षीय कोणार्क शरन संस्थान में प्रशिक्षण के 125 घंटे पूर्ण कर चुके थे। उनके पिता एयर इंडिया में कार्यरत थे जो अब रिटायर हो गए हैं। कोणार्क तीन बहनों में इकलौते भाई थे। पुलिस की ओर से जानकारी देने के बाद वहां से जांच के लिए टीम भेजने की बात कही गई है।
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