rahu ketu
ज्योतिषाचार्य दैवज्ञ कृष्ण शास्त्री ने बताया कि केतु का अनुराधा नक्षत्र में गोचर करना किसी भी व्यक्ति के पूर्व जन्म की अपूर्ण इच्छा को पूर्ण करने की ओर इशारा करता है अर्थात् इस गोचर के कारण किसी व्यक्ति की यदि कोई पुरानी इच्छा बची हुई है तो वह पूर्ण होने की संभावना बनती है। शोध संबंधित कार्यों में, आध्यात्मिक कार्यों में, ज्योतिष संबंधित कार्यों में और खोजी प्रवृत्ति के कार्यों में यह केतु बहुत अधिक सफलता प्रदान कर सकते हैं।