वाराणसी के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में युवा कलाकारों ने गुरुवार को अपनी कला-शिल्प से अपने सपनों को मनचाही उड़ान दी। मनचाहे अंदाज में रंगो-रेखाओं के संयोजन से एक से एक खूबसूरत कलाकृतियां बनाई। आगे की स्लाइड्स में देखें..
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- फोटो : amar ujala
पेटिंग्स के साथ मूर्ति, आर्टिफिशियल ज्वैलरी, तरह-तरह के खिलौने, फोटो फ्रेम आकर्षण का केंद्र बने। मौका था ललित कला विभाग की ओर से आयोजित तीन दिवसीय कला मेले जहां विद्यार्थियों ने अपने कल्पनाओं को मूर्त रूप देकर पूरे प्रांगण को खूबसूरत ढंग से सजाया था।
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- फोटो : amar ujala
गुरुवार से शुरू हुए इस मेले में हुनर और कलात्मकता का संगम देखते ही बन रहा था। हुनर और हौसले की चमक के बीच लगी यह प्रदर्शनी हर किसी के आकर्षण का केंद्र बन गई। मेले में 16 स्टॉल और 140 कलाकृतियों की प्रदर्शनी लगाई गई है।
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- फोटो : amar ujala
कलाकारों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से मेले में ललित कला विभाग, फैशन डिजाइन, गंगापुर कैंपस, धीरेंद्र महिला पीजी कालेज आदि के विद्यार्थियों ने अपनी कला कौशल, हाथों की कलाकारी को सभी के सामने प्रस्तुत किया।
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- फोटो : amar ujala
रोहित, सागर, गुलशन व सूरज ने लकड़ी को आकार देकर साधु के रूप में ढाल था, तो रंगीन कागजों के जरिए वैशाली द्वारा बनी राष्ट्रपिता की प्रतिमा सभी को आकर्षित कर रहीं थी।
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- फोटो : amar ujala
पीओपी द्वारा बनाएं गए नंदी की प्रतिमूर्ति सभी को भाई। कला मेले में डॉ. सुनील कुमार विश्वकर्मा ने ऑन द स्पॉट पोट्रेट की कलाकारी भी दिखाई। मुख्य अतिथि कुलपति टीएन सिंह ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
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- फोटो : amar ujala
उधर, कला मेले में दिन में जहां दर्शकों को कला और कलाकृतियों से रूबरू कराया गया, तो वहीं शाम में सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभी को झूमाया। अर्पिता मिश्रा ने महादेव शंकर पर नृत्य पेश किया।
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- फोटो : amar ujala
तो रितिका ने कजरा मोहब्बत वाला... पर सभी को झूमाया। शुभ्रा वर्मा व समूह द्वारा राजस्थानी लोक नृत्य की प्रस्तुति ने सभी का मोह लिया। नाट्य मंचन व युवाओं द्वारा एक से बढ़कर गजलों पर खूब तालियां बजी।