वाराणसी में गंगा का जलस्तर 12 घंटे में 14 सेंटीमीटर बढ़कर चेतावनी बिंदु से 16 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। हालांकि, यह खतरे के निशान से 88 सेंटीमीटर नीचे है। बाढ़ के मद्देनजर 61 राहत शिविर और 21 बाढ़ चौकियां सक्रिय हैं। गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों के लिए मेडिकल टीमें तैनात की गई हैं।
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ढेलवरिया क्षेत्र में माता मंदिर के पास बाढ़ राहत शिविर।
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गंगा और वरुणा के बढ़ते जलस्तर ने बुधवार को शहर से लेकर गांवों तक चिंता बढ़ा दी। गंगा शाम चार बजे 70.42 मीटर पर पहुंच गई, जो चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर से 16 सेंटीमीटर ऊपर है। दूसरी ओर, वरुणा के तटवर्ती इलाकों में पानी घरों तक पहुंच गया है।
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सामनेघाट पर चढ़ा गंगा का पानी।
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हिदायत नगर और तालीमन नगर में कई घरों में पानी घुस गया, जबकि नक्खी घाट और दीनदयालपुर के राहत शिविरों में प्रभावित परिवारों की संख्या बढ़ती गई। शहर में अस्सी से सामनेघाट और डोमरी तक गंगा का पानी आबादी और निचले इलाकों की ओर बढ़ रहा है। वहीं, चौबेपुर, सेवापुरी और चिरईगांव के गांवों में सड़क, स्कूल और खेत जलमग्न हो गए हैं।
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बस्ती में घुसा बाढ़ का पानी।
- फोटो : संवाद
गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता फिर बढ़ गई है। अस्सी घाट पर सुबह-ए-बनारस मंच के ऊपर करीब पांच फीट पानी भर गया है। प्रशासन ने बैरिकेडिंग कर लोगों का प्रवेश बंद कर दिया है। पुराने अस्सी घाट की तरफ पानी सड़क की ओर बढ़ रहा है। नगवा नाले के आसपास भी पानी धीरे-धीरे बढ़ रहा है। नगवा रामेश्वर मठ के पीछे जाने वाले रास्ते पर पानी बढ़ने लगा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, जलस्तर इसी तरह बढ़ा तो नगवा सोनकर बस्ती और हरिजन बस्ती के दर्जनभर परिवारों को राहत शिविर में जाना पड़ सकता है।
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सामनेघाट की तरफ ऐसा दिखा दृश्य।
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गंगोत्री बिहार कॉलोनी की लेन नंबर एक के नीचे तक गंगा का पानी पहुंच गया है। सामनेघाट में अघोर आश्रम के पास निचले हिस्से में पानी है। सामनेघाट तिराहे से पीएसी कैंप जाने वाले मार्ग पर भी पानी ऊपर की ओर बढ़ रहा है। सामनेघाट जज गेस्ट हाउस और नए पक्के घाट के सामने बनी बारादरी पानी में डूब गई।
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वरुणा नदी बढ़ने से बस्ती में पलायन शुरू।
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अस्सी, रविदास और तुलसी घाट पर स्नान पर प्रतिबंध के बाद कई बाहर से आए श्रद्धालु सामनेघाट के नए पक्के घाट पर स्नान के लिए पहुंच रहे हैं। ज्ञान प्रवाह नाला पानी से भरने के बाद चैनल गेट बंद कर कॉलोनियों की ओर आने वाले पानी को मोटर पंप से निकालने की व्यवस्था की गई है। गढ़वाघाट आश्रम के सामने पक्के घाट की मढ़ी भी पानी में डूब गई।
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नदी का जलस्तर बढ़ने से पलायन शुरू।
- फोटो : संवाद
डोमरी में पौधों तक पहुंचा पानी, रमना में फसल डूबने का खतरा
गंगा का बढ़ता पानी डोमरी में नगर निगम की ओर से लगाए गए पौधों तक पहुंच गया है। मियावाकी क्षेत्र पूरी तरह बाढ़ की चपेट में है। लाखों पौधे लगाए गए इस क्षेत्र में अब चारों तरफ पानी नजर आ रहा है। छोटे पौधे पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। रमना गांव में गंगा किनारे किसानों की तैयार सब्जियों की फसल में पानी घुसने लगा है। वरुणा नदी की बाढ़ से बेदौली, मथुरापुर, कोटवा और टड़िया के किनारे भी किसानों की फसल पानी में डूब गई है।
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वाराणसी में बाढ़ का दंश झेल रहे लोग।
- फोटो : अमर उजाला
वरुणा किनारे घरों में घुसा पानी, राहत शिविरों में बढ़ी भीड़
वरुणा नदी का पानी तटवर्ती बस्तियों में मुश्किल बढ़ा रहा है। हिदायत नगर और तालीमन नगर में पानी घरों में घुस गया। बुधवार शाम तक कुछ स्थानों पर पानी एक मंजिला मकानों की ऊंचाई तक पहुंचने लगा। नक्खी घाट के मौजा हाल स्थित चित्रकूट इंटर कॉलेज के राहत शिविर में दोपहर तक 76 लोग पहुंच चुके थे। इनमें दो गर्भवती महिलाएं और 60 वर्ष से अधिक उम्र की दो महिलाएं शामिल हैं।
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जल पुलिस की चाैकी डूबी।
- फोटो : अमर उजाला
शिविर में तीन लेखपाल, दो अमीन, स्वास्थ्य विभाग के दो डॉक्टर, सहायक स्टाफ, पशुधन अधिकारी और पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। दीनदयालपुर स्थित नवोदय विद्यालय के राहत शिविर में 18 परिवारों के 72 सदस्य शरण लिए हुए हैं। पानी बढ़ने पर यहां और लोगों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
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मणिकर्णिका घाट पर गलियों में चल रही नाव।
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395 परिवार शिविरों में, 229 परिवारों ने दूसरी जगह ली शरण
प्रशासन के अनुसार, जिले में 61 बाढ़ राहत शिविर बनाए गए हैं, जिनमें से 16 का संचालन शुरू हो चुका है। निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया के लिए 21 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। बाढ़ से 29 वार्ड और गांव प्रभावित हैं। कुल 624 परिवार विस्थापित हुए हैं। इनमें 395 परिवारों के 1728 लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं, जबकि 229 परिवार अपने रिश्तेदारों, पड़ोसियों या अन्य सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं। बाढ़ से 207 किसानों की 53.516 हेक्टेयर फसल प्रभावित हुई है।
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वाराणसी में बाढ़।
- फोटो : अमर उजाला
चिरईगांव में दलित बस्ती तक पहुंचा पानी, प्रशासन ने शुरू की तैयारी
चिरईगांव के रामपुर में सोता के दूसरे सिरे पर स्थित दलित बस्ती के करीब बाढ़ का पानी पहुंच गया है। निचले हिस्से में होने के कारण यहां पानी पहले पहुंचने की आशंका है। करीब आधा दर्जन परिवारों के सामने घर छोड़ने का संकट खड़ा हो गया है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रिया सैनी ने क्षेत्र का दौरा कर पानी बस्ती में प्रवेश करने से पहले परिवारों को राहत शिविर में पहुंचाने के निर्देश दिए। रामपुर प्राथमिक विद्यालय की सफाई, गद्दे और खाद्य सामग्री की व्यवस्था करने को कहा गया। उन्होंने बाढ़ प्रभावित किसानों और पशुपालकों से भी मुलाकात की।
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गंगा का पानी बढ़ने से दुश्वारियां।
- फोटो : अमर उजाला
निषादराज क्षेत्र जलमग्न, मशीन से भी नहीं हो रही पूरी निकासी
रामनगर के रामपुर वार्ड स्थित निषादराज क्षेत्र में बारिश और बाढ़ के पानी से सड़क पूरी तरह जलमग्न हो गई है। बाजार और रोजमर्रा के आवागमन में लोगों को परेशानी हो रही है। नगर निगम ने पानी निकालने के लिए मशीन लगाई है, लेकिन स्थानीय लोगों के अनुसार, एक मशीन से पानी की निकासी पर्याप्त नहीं हो पा रही है।
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वाराणसी में पलायन शुरू।
- फोटो : अमर उजाला
चौबेपुर, कछवा रोड में स्कूल और सड़क डूबी, सेवापुरी में छात्रों को पानी से होकर जाना पड़ रहा
चौबेपुर के अजांव गांव में पोखरे और तालाब भरने के बाद पानी गांव की सड़कों पर फैल गया। प्राथमिक विद्यालय और आरसीसी सड़क भी जलमग्न है। कछवा रोड के सेवापुरी ब्लॉक के ठटरा गांव में पूर्व माध्यमिक विद्यालय और राजकीय हाईस्कूल के पास इंटरलॉकिंग सड़क पर पानी जमा है। छात्रों को पानी के बीच से होकर स्कूल जाना पड़ रहा है। प्रधानाध्यापक चंद्रबली पटेल ने समस्या की जानकारी अधिकारियों को देने की बात कही। ग्राम प्रधान सुनील कुमार बिंद के अनुसार, सड़क का स्तर ऊंचा करने की कार्ययोजना तैयार की गई है।
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वरुणा का पानी बढ़ने से परेशानी।
- फोटो : अमर उजाला
शहर में बारिश का भी असर, नवाबगंज में दो फीट पानी
दुर्गाकुंड के नवाबगंज इलाके में दुर्गाकुंड-खोजवा मुख्य मार्ग पर रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण करीब दो फीट तक पानी जमा हो गया। गुरुधाम स्थित इस्कॉन मंदिर के बाहर भी बारिश का पानी लगा है। चार-पांच सितंबर को यहां कृष्ण जन्माष्टमी का बड़ा आयोजन प्रस्तावित है, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। नाथूपुर, भुल्लनपुर और मड़ौली गांवों की सीमा पर भी भारी बारिश से घरों में पानी घुस गया।
वाराणसी में गंगा में आई बाढ़ के पानी में पूरा जलमग्न सिंधिया घाट स्थित दत्तात्रेय मंदिर।
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मस्जिदिया घाट पर बच्चों को नदी से निकाला
कोटवा के मस्जिदिया घाट पर नदी का बढ़ा पानी देखकर पुलिस ने सतर्कता बढ़ाई। सूचना मिलने पर थानाध्यक्ष अभिजीत सिंह मौके पर पहुंचे और आसपास के लोगों को नदी में नहाने से मना किया। नहा रहे कुछ बच्चों को नदी से बाहर निकाला गया।