फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वाद-विवाद प्रतियोगिता : लोकतंत्र में जरूरी है सोशल मीडिया, फायदे के साथ नुकसान भी

Sat, 31 Aug 2019 07:27 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
विज्ञापन
1 of 14
वाद-विवाद प्रतियोगिता में पुरुस्कृत छात्र। - फोटो : अमर उजाला
अमर उजाला की ओर से आयोजित श्री मुरारीलाल माहेश्वरी स्मृति राष्ट्रीय वाद विवाद प्रतियोगिता के मंडल स्तरीय प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने सोशल मीडिया पर प्रतिबंध देश हित में इस विषय पर अपनी बात रखी।
विज्ञापन

2 of 14
वर्तमान परिदृश्य में जब लोगों की आवाज को दबाने का काम किया जा रहा है, ऐसे समय में सोशल मीडिया ही एक ऐसा प्लेटफार्म है, जहां अपनी बात को प्रमुखता से रखने का अवसर मिलता है। यह भी जानना जरूरी है कि इसका ज्यादा प्रयोग ठीक भी नहीं है। ऐसे में सतर्कता बरतने की जरूरत है।
विज्ञापन

3 of 14
सनबीम स्कूल लहरतारा में आयोजित प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने कहा कि सोशल मीडिया का प्रयोग लाभकारी तो हैं लेकिन चुनौतियां भी कम नहीं है, ऐसे में सभी को अपनी जिम्मेदारियां निभानी होंगी। पक्ष में प्रतिभागियों ने तेजी से बदल रही मनोवृत्ति, सामाजिक दशा आदि को देखते हुए इस पर प्रतिबंध को देश हित में जरूरी बताया। कहा कि चाहे घर हो या स्कूल, आफिस या फिर अन्य कार्यक्रम लोग फेसबुक, व्हाटसएप, इंस्टाग्राम आदि पर फोटो डालते हैं।

 

4 of 14
साथ ही हर छोटी से छोटी जानकारी भी शेयर करते हैं, यह उनके लिए ठीक नहीं होता है। इस तरह की गतिविधियों से बचने की जरूरत है। राजनीतिक, सामाजिक, फिल्म के साथ मीडिया के क्षेत्र में इसका दुरुपयोग भी बढ़ता जा रहा है।
 
विज्ञापन

5 of 14
विषय के विपक्ष में प्रतिभागियों ने कहा कि ऐसे समय में जब हर जगह आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है, सोशल मीडिया के जरिए हम अपनी आवाज दूसरों तक पहुंचा सकते हैं। कई घटनाओं की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से मिलती है। ट्विटर से पुलिस विभाग, रेलवे या अन्य विभाग से शिकायत करने पर त्वरित कार्रवाई होती है। इससे पहले तुलसी के पौधे के समक्ष अतिथियों में कुलपति प्रो. टीएन सिंह, पद्मश्री राजेश्वर आचार्य, सनबीम शिक्षण समूह के अध्यक्ष डॉ. दीपक मधोक ने दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। सनबीम स्कूल की ओर से डॉ. दीपक मधोक ने स्मृति चिह्न भेंटकर अतिथियों का स्वागत किया। इस दौरान सनबीम की निदेशक भारती मधोक, प्रीतेश आचार्य, सौरभ आदि लोग मौजूद रहे। 
 
विज्ञापन

6 of 14
पद्मश्री राजेश्वर आचार्य ने कहा :
प्रतियोगिता के अतिथि पद्मश्री प्रो. राजेश्वर आचार्य ने छात्र-छात्राओं को निर्धारित लक्ष्य पर सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ते रहने के लिए प्रेरित किया। कहा कि आदरवान होना चाहिए। सोशल मीडिया का असर भाषा पर भी पड़ा है। इसको उन्होंने संगीत की अलग-अलग विधाओं में प्रयोग से बड़ी बारीकी से समझाया। कहा कि सोशल मीडिया के जो भी प्लेटफार्म हैं, अगर वह लाभकारी है, तो उसका एक निश्चित समय से अधिक प्रयोग घातक भी है। पद्मश्री राजेश्वर आचार्य ने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ आत्मदर्शन भी जरूरी है।
विज्ञापन

7 of 14
बोले कुलपति :
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. टीएन सिंह ने कहा कि समाज में अच्छे लोग भी है और खराब भी हैं। बस अपनी मानसिकता सही रखकर काम करने और आगे बढ़ते रहने की जरूरत है। सोशल मीडिया का दुष्प्रभाव भी है और इस पर चर्चा होनी चाहिए। आजकल हालात ऐसे हो गए हैं कि बच्चे फेसबुक, व्हाट्सएप, ट्विटर का प्रयोग बंद करने की बात करने पर नाराज हो जाते हैं। यह अच्छा है कि अब दुष्प्रभाव के बारे में भी वह सोचने लगे हैं। किसी भी तकनीक का इस्तेमाल अच्छे मन से किया जाए तो परिणाम अच्छा आता है। लेकिन खराब प्रवृत्तियों से बचने की जरूरत होती है।

8 of 14
ये रहे विजेता :
वसंत महिला महाविद्यालय राजघाट में पढ़ने वाली प्रज्ञा उपाध्याय वाद-विवाद प्रथियोगिता में प्रथम आईं, सनबीम स्कूल वरुणा कॉलेज की छात्रा यशस्विनी शुक्ला ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया तो वहीं चंदौली जिले के कमलापुर के राजेंद्र प्रसाद त्रिपाठी महाविद्यालय के छात्र जनार्दन शर्मा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

9 of 14
ये रहे प्रतिभागी :
विजेताओं के साथ-साथ प्रतिभागियों में अग्रसेन कन्या पीजी कॉलेज से संजना संजीव श्रीवास्तव, एसडीसी गाजीपुर श्वेता यादव, एसडीसी गाजीपुर और वैभव शर्मा। मां खंडवारी पीजी कॉलेज चंदौली से कैस खां ने अपनी बात प्रमुखता से रखी।

10 of 14
बोले विजेता :
प्रज्ञा उपाध्याय का कहना है कि ऐसे कार्यक्रमों से ज्वलंत मुद्दों पर बात रखने और बहस करने का अवसर मिलता है, वहीं बहुत कुछ सीखना भी जरूरी है। इससे आने वाले दिनों में बेहतर करने की सीख मिलती है।

11 of 14
यशस्विनी शुक्ला ने कहा कि जिस तरह से लोग अपनी बातों को दूसरे के सामने बढ़ा-चढ़ाकर कह रहे हैं, ऐसे समय में सोशल मीडिया बहुत उपयोगी है। प्रयोग के साथ ही सतर्क रहने की भी जरूरत है।

12 of 14
जनार्दन शर्मा ने कहा कि मुद्दों के बारे में जानना और उस पर अपनी बात रखने का अवसर मिला। इसके लिए अमर उजाला परिवार का शुक्रिया। जिला स्तर पर जीत के बाद जब पता चला कि मंडल स्तरीय प्रतियोगिता में जाना है। तो स्थान को लेकर मन में थोड़ा संशय था।

13 of 14
निर्णायकों ने निभाई अहम भूमिका  :
प्रतियोगिता से पहले अमर उजाला के पितृ पुरुष स्व मुरारी लाल माहेश्वरी के जीवन परिचय की जानकारी दी गई। निर्णायकों में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ पत्रकारिता विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. अनिल उपाध्याय, आर्य महिला पीजी कॉलेज में गृह विज्ञान विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. ऋचा मिश्रा और वसंत कन्या महाविद्यालय कमच्छा में इतिहास विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. नयरंजना श्रीवास्तव ने प्रतिभागियों की प्रतिभा के आधार पर मूल्यांकन किया और विजेताओं की घोषणा की।
विज्ञापन

14 of 14
पुरस्कार में चेक, प्रमाण पत्र के साथ किताब दी गई :
विजेताओं को पुरस्कार में चेक, प्रमाण पत्र के साथ ही अमर उजाला की ओर से किताब भी दी गई। प्रथम पुरस्कार के रूप में सात हजार, द्वितीय पर पांच और तृतीय पुरस्कार में दो हजार रुपये का चेक दिया गया। सांत्वना पुरस्कार के रूप में दो विजेताओं को 1500 रुपये का चेक, प्रमाण पत्र दिया गया। प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने वाले सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें