फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आजमगढ़ की सीट हुई 'हॉट', अखिलेश बनाम 'निरहुआ' की लड़ाई में बदला मुद्दों का समीकरण

Thu, 18 Apr 2019 09:55 AM IST
Sayali Maurya संदीप सौरभ सिंह,अमर उजाला,आजमगढ़
विज्ञापन
1 of 10
अखिलेश और निरहुआ (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
आजमगढ़ को सपा का गढ़ माना जाता है। अब तक के इतिहास में कांग्रेस के बाद सपा ने ही आजमगढ़ में सबसे ज्यादा बार जीत हासिल की है। इसके अलावा इस लोकसभा चुनाव में सपा और भाजपा के बीच कांटे की टक्कर है। इस चुनाव में भाजपा बनाम गठबंधन में मुद्दों का समीकरण भी बदल गया है। पढ़ें आगे की स्लाइड्स में...
विज्ञापन

2 of 10
आजमगढ़ में विकास की कई योजनाएं संचालित हैं। दो नेशनल हाईवे का निर्माण जारी है, एक का शुभारंभ हो रहा है। इसके बाद भी ये विकास अनियोजित सा दिखता है। लोकसभा चुनाव 2019 में आजमगढ़ सीट पर सभी पार्टियां विकास को ही अपना मुद्दा बना रही हैं और अब तक हुए विकास को अपना बताकर सीट अपनी झोली में मान रही है। स्थिति ये है कि इस हॉट सीट पर भाजपा और गठबंधन के प्रत्याशी का कड़ा इम्तिहान होने वाला है। 
विज्ञापन

3 of 10
मुलायम सिंह यादव (फाइल फोटो)
वर्ष 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में आजमगढ़ सीट पर तत्कालीन सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव चुनाव लड़े थे। भाजपा से बाहुबली रमाकांत यादव और बसपा से शाह आलम गुड्डू जमाली मैदान में थे। चुनाव में मुलायम सिंह यादव को कड़े मुकाबले का सामना करना पड़ा था। स्थिति ये थी कि चुनाव जीतने के लिए पूरे सपाई कुनबे को लगना पड़ा था। मुलायम सिंह ने लगभग 63 हजार वोट से रमाकांत यादव को पराजित किया था। इस बार समीकरण पिछले चुनाव से काफी बदले हुए हैं। 

4 of 10
अखिलेश यादव और दिनेशलाल यादव(फाइल फोटो)
सपा के टिकट पर पिता की विरासत को संभालने के लिए वर्तमान सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव मैदान में हैं। भाजपा ने रमाकांत का टिकट भोजपुरी गायक और अभिनेता दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ को देकर मैदान में उतारा है। जिससे लड़ाई पहले से अलग हो गई है। हालांकि सपा-बसपा से गठबंधन के बाद किसी को लड़ाई में नहीं मान रहे हैं। जिले में अब तक हुए विकास को अपना बता इतिहास रचने की बात कह रहे हैं। वहीं, भाजपा प्रत्याशी दिनेश लाल यादव के रोड शो आदि में उमड़ रही भीड़ दूसरे दलों की परेशानी बढ़ा रही है। कुल मिलाकर सीट पर दोनों प्रत्याशियों और दलों के कड़े इम्तिहान की उम्मीद जताई जा रही है।      
विज्ञापन

5 of 10
आजमगढ़ सदर सीट से अब तक हुए सांसद : 
 
1952   सीताराम अस्थाना कांग्रेस
1957 कालिका सिंह कांग्रेस
1962 रामहरख यादव कांग्रेस
1967 चंद्रजीत यादव कांग्रेस
1971 चंद्रजीत यादव कांग्रेस
1977 रामनरेश यादव बीएलडी
1978 मोहसिना किदवई कांग्रेस (उपचुनाव)
                       
                         
                         
                       
                     
विज्ञापन

6 of 10
20वीं सदी के आखिरी दशकों में ये सांसद पहुंचे संसद :
 
1980 चंद्रजीत यादव जेएनपी एस
1984 डॉ. संतोष सिंह कांग्रेस
1989 रामकृष्ण यादव बीएसपी
1991 चंद्रजीत यादव जनता दल
1996 रमाकांत यादव सपा
1998 अकबर अहमद डंपी बसपा
1999 रमाकांत यादव सपा
विज्ञापन

7 of 10
आजमगढ़ में भाजपा से इकलौते सांसद रहे रमाकांत यादव - फोटो : अमर उजाला
21वीं सदी में हुए लोकसभा चुनावों में ये बने सांसद :
 
2004 रमाकांत यादव बसपा
2008 अकबर अहमद डंपी बसपा (उपचुनाव)
2009 रमाकांत यादव भाजपा
2014 मुलायम सिंह यादव सपा

8 of 10
2014 लोकसभा चुनाव में ये तीन थे टक्कर में :

मुलायम सिंह यादव (सपा) -3,40,306 (निर्वाचित)
रमाकांत यादव (भाजपा) - 2,76,998
शाह आलम (बसपा) -2,66,528

9 of 10
प्रतीकात्मक तस्वीर
आजमगढ़ में 17 लाख 26 हजार 680 मतदाता लोकसभा चुनाव 2019 में उम्मीदवारों का भविष्य तय करेंगे। जिसमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 9 लाख 20 हजार 894 है। वहीं, महिला मतदाता 8 लाख 5 हजार 746 और दिव्यांग वोटर 15 हजार 803 हैं। इस महापर्व में 40 अन्य मतदाता भी हिस्सा लेंगे। 
विज्ञापन

10 of 10
azamgarh - फोटो : अमर उजाला
इस चुनाव में इन प्रमुख प्रत्याशियों पर टिकी हैं सबकी निगाहे : 

सपा - अखिलेश यादव
भाजपा - दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ
सुभासपा - यशवंत सिंह उर्फ शिब्ली सिंह
बीआरडी - राजीव पांडेय
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें