राजेंद्र प्रसाद घाट पर महामूर्ख मेले का आयोजन
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद कवि सांड़ बनारसी ने बुलडोजर को देखिए जमी हुई है धाक, बड़ी-बड़ी बिल्डिंग करे पल भर में ही खाक... सुनाकर हास्य रस की बरसात शुरू कराई। दमदार बनारसी ने जिस दिन से राजनीति की महफिल में घुस गए, उस दिन से ही योगी जी सबके दिल में घुस गए..., दो चार के घरों पे ये बुलडोजर क्या चला, अपराधी माफिया तो सारे बिल में घुस गए...सुनाकर तालियां बटोरीं। बादशाह प्रेमी ने दर्शकों को गुदगुदाया। श्याम लाल यादव फक्कड़ गाजीपुरी ने बुल्डोजरा क किस्मत देखा, सरकारी मेहमान भइल बा...सुनाया।