ramesh yadav
- फोटो : amar ujala
शहीद रमेश के परिजन और ग्रामीण मंगलवार सुबह से ही टीवी स्क्रीन पर टकटकी लगाए हुए थे। मासूम बेटे आयुष को गोद में लेकर बैठी शहीद की पत्नी रेनू ने कहा कि अब जाकर कलेजे को ठंडक मिली है...। कहते ही रेनू सिसकने लगीं। फिर, खुद को संभालते हुए बोलीं कि ऐसी कार्रवाई तब तक होनी चाहिए, जब तक पाकिस्तान से आतंकियों के कुनबे का सफाया न हो जाए...। मोदी जी कार्रवाई जारी रखिएगा...। बेटा जब जवान होगा तो उसे भी भारत मां की रक्षा के लिए सेना में भेजूंगी।