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राष्ट्रपति के वाराणसी दौरे की तस्वीरें: 65 साल बाद दूसरे राष्ट्रपति के बरेका में पड़े कदम

Sun, 14 Mar 2021 12:45 PM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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बरेका पहुंचने पर राष्ट्रपति का स्वागत करतीं महाप्रबंधक अंजलि गोयल - फोटो : अमर उजाला
यूं तो बनारस में देश के राष्ट्रपति का आगमन होता रहा है लेकिन यह पहली बार है कि बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में राष्ट्रपति तीन दिन तक ठहरेंगे।  यह पहला ऐसा अवसर व सौभाग्य बरेका को मिलने जा रहा। 23 अप्रैल 1956 में देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने तब डीरेका (डीजल रेल इंजन कारखाना हुआ करता था) की आधारशिला रखी थी।

इसके बाद किसी भी राष्ट्रपति का बरेका में आगमन नहीं हुआ था। करीब 65 साल के बाद बरेका में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का आगमन हुआ है। इस उपलब्धि को लेकर बरेका परिसर में उत्साह है। बरेका कर्मियों के अनुसार यह गौरवशाली क्षण है। 

बरेका देश की सबसे प्रतिष्ठित रेल इंजन बनाने वाली सरकारी उपक्रम है। विश्व में पहली बार डीजल रेल इंजन को इलेक्ट्रिक इंजन में बदलने का गौरव भी बरेका को प्राप्त है। जनवरी 1964 में प्रथम रेल इंजन राष्ट्र को समर्पित हुआ था।

 
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महाप्रबंधक अंजलि गोयल से बातचीत करते राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद - फोटो : अमर उजाला
तीन बार रिकॉर्ड इंजन उत्पादन का भी अवार्ड बरेका को मिल चुका है। केंद्र सरकार ने 29 अक्तूबर 2020 को डीरेका का नाम बदलकर बनारस रेल इंजन कारखाना करने का आदेश पत्र जारी किया था। तब से बरेका ही नाम है। 

प्रधानमंत्री भी ठहरते हैं बरेका के गेस्ट हाउस में
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब भी बनारस आते हैं, वह बरेका के गेस्ट हाउस में ही ठहरते हैं। इसके अलावा केंद्र सरकार के अन्य केंद्रीय मंत्रियों की भी आवाजाही बरेका गेस्ट हाउस में रहती है। पर्यावरण सहित साफ-सफाई के लिहाज से बरेका के गेस्ट हाउस को तरजीह दी जाती है। सुरक्षा के नजर से भी बरेका अन्य जगहों के मुकाबले उपयुक्त है।
 
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महाप्रबंधक अंजलि गोयल का अभिवादन स्वीकार करते राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद - फोटो : अमर उजाला
राष्ट्रपति ने लिया पनीर लबाबदार, दाल मखानी व तवे की रोटी का जायका

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के खानपान का विशेष इंतजाम रहा। बरेका गेस्ट हाउस में राष्ट्रपति की मांग के अनुरूप भोजन रहा। रात के भोजन में उन्होंने पनीर लबाबदार, मिक्स वेज हांडी की सब्जी, दाल मखानी, तवा रोटी, तीन तरह के अचार, चटनी, सलाद का जायका लिया। 

बरेका गेस्ट हाउस कर्मचारियों के अनुसार राष्ट्रपति ने हल्का भोजन किया।  महामहिम के इच्छानुसार कम मसालेदार भोजन तैयार किया गया था। राष्ट्रपति की सुरक्षा में तैनात अधिकारियों ने भोजन, बोतलबंद पानी व अन्य सामान की जांच पड़ताल की।

 

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तत्कालीन डीजल रेल इंजन कारखाना का उद्घाटन करते देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद - फोटो : अमर उजाला
कड़ी सुरक्षा के घेरे में बरेका

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद सेना के हेलीकॉप्टर से शनिवार को बनारस रेल इंजन कारखाना पहुंचे। यहां जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा व बरेका महाप्रबंधक अंजली गोयल ने महामहिम की अगवानी की। हेलीपैड पर सेना के तीन हेलीकॉप्टर से पहुंचे राष्ट्रपति की फ्लीट सीधे परिसर के गेस्ट हाउस रवाना हुई। इस दौरान आगमन से एक घंटे पूर्व तक बरेका के मुख्य द्वार और अन्य द्वार बंद रहे।

हेलीपैड और गेस्ट हाउस को सेना ने कब्जे में ले लिया है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की सुरक्षा को लेकर बनारस रेल इंजन कारखाना हाई अलर्ट पर है। किसी भी बाहरी को परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है। शनिवार अपराह्न लगभग 3.15 पर जैसे ही हेलीपैड पर महामहिम का हेलीकॉप्टर उतरा तो सभी द्वार बंद कर दिए गए।
 
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उद्घाटन करने पहुंचे देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद - फोटो : अमर उजाला
किसी को न बाहर जाने न अंदर आने दिया गया। सबसे पहले हेलीकॉप्टर से महामहिम उतरे, साथ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रहे। सड़क मार्ग से राज्यपाल भी पहुंची। हेलीपैड पर महामहिम का जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा व बरेका महाप्रबंधक अंजली गोयल, बरेका के प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर राजेश कुमार राय ने स्वागत किया।

इस बीच शाम पांच बजकर 32 मिनट पर बरेका से महामहिम रामनाथ कोविंद व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गंगा आरती दर्शन को निकले। वापस 7 बजकर 47 मिनट पर बरेका पहुंचे। तीन दिन तक महामहिम बरेका के गेस्ट हाउस में ही ठहरेंगे।
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