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Republic Day Parade 2022: राजपथ पर भव्य काशी विश्वनाथ धाम की झांकी देख लोग हुए अभिभूत, यहां जानें सब कुछ

Wed, 26 Jan 2022 04:01 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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परेड में काशी विश्वनाथ धाम की झांकी। - फोटो : दूरदर्शन
गणतंत्र दिवस के अवसर पर भव्य, दिव्य और नव्य श्री काशी विश्वनाथ धाम का वैभव राजपथ पर पूरे देश और दुनिया ने देखा। परेड में बाबा के धाम की झांकी आकर्षण का केंद्र रही। झांकी में बाबा धाम के पहले नंदी को देख लोग अभिभूत हुए। यह दूसरा अवसर पर है जब बनारस से जुड़ी झांकी राजपथ पर नजर आई। इसके पूर्व महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ की झांकी को गणतंत्र दिवस की परेड में शामिल किया जा चुका है।

उत्तर प्रदेश की झांकी में बाबा के धाम की झांकी और बनारस के घाट पर संस्कृति की झलक को प्रमुख रूप से शामिल किया गया। झांकी में गंगा स्नान करते साधु और पूजन करते हुए बटुकों का दल हिस्सा रहा। प्रदेश की झांकी में इस बार काशी विश्वनाथ धाम के अलावा एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) को शामिल किया गया है। झांकी में बाबा काशी विश्वनाथ के दरबार के साथ ही धर्म नगरी काशी की परंपरा, कला और संस्कृति के रंग मां गंगा के संग नजर आए।

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13 दिसबर को पीएम मोदी ने किया था लोकार्पण 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 दिसबर को 700 करोड़ की लागत से 33 महीने में तैयार हुआ श्री काशी विश्वनाथ धाम विश्व को समर्पित किया था। धाम में बालेश्वर, मकराना, कोटा, ग्रेनाइट, चुनार, मैडोना स्टोन, मार्बल सात तरह के पत्थर इस्तेमाल हुए हैं।
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8 मार्च 2019 को धाम का शिलान्यास 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 मार्च 2019 को काशी विश्वनाथ धाम का शिलान्यास किया था। धाम के लिए जमीन खरीदने में लगभग 400 करोड़ रुपये खर्च हुए, निर्माण कार्य में अब तक लगभग 339 करोड़ रुपये खर्च हुए। बाबा विश्वनाथ का धाम 50,200 वर्ग मीटर जमीन में बन रहा है। अभी दूसरे चरण का काम जारी है।

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kashi vishwanath dham Tableau - फोटो : kashi vishwanath dham Tableau

गंगा छोर पर गेटवे ऑफ कॉरिडोर  

काशी विश्वनाथ धाम के गंगा छोर पर गेटवे ऑफ कॉरिडोर बना है। सड़क से गंगा तट मणिकर्णिका घाट जलासेन और ललिता घाट तक 50,200 वर्ग मीटर में विस्तारित कॉरिडोर बना है। काशी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन से पहले गंगा स्नान या आचमन की मान्यता है। इस बात को ध्यान में रखते हुए जलासेन घाट पर बनाए जा रहे गेट को खास रूप दिया गया है। इसकी ऊंचाई 32 फीट व चौड़ाई 90 फीट है। मंदिर परिसर में प्रवेश के लिए चार द्वार बनाए गए हैं।
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यूपी की झांकी में दिखा काशी-विश्वनाथ कॉरिडोर - फोटो : ANI

पहला चरण 

काशी विश्वनाथ धाम परियोजना को दो चरणों में पूरा किया जा रहा है। 13 दिसंबर को पीएम मोदी के हाथों पहले चरण की परियोजना लोकार्पित हो गई। इसमें मंदिर परिसर के साथ ही मुमुक्षु भवन, यात्री सुविधा केंद्र, वैदिक केंद्र, गंगा व्यू गैलरी, भोगशाला, फूड कोर्ट सेंटर, सुरक्षा केंद्र और मंदिर चौक सहित 19 भवन यात्री सुविधाओं के लिए तैयार किए गए हैं।
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Kashi Vishwanath corridor - फोटो : अमर उजाला

दूसरे चरण में ये काम होंगे पूरे 

मंदिर चौक से विश्वनाथ धाम परिसर के साथ ही गंगा दर्शन किए जा सकेंगे। दूसरे चरण में जलासेन घाट और ललिता घाट से रैंप का निर्माण, एस्केलेटर, सांस्कृतिक केंद्र आदि का निर्माण किया जा रहा है।
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Kashi Vishwanath dham - फोटो : अमर उजाला

241 साल बाद बाबा के धाम का नया स्वरूप 

गंगा तट से मंदिर के गर्भगृह तक बने काशी विश्वनाथ धाम का यह नया स्वरूप 241 साल दुनिया के सामने आ रहा है। इतिहासकारों के अनुसार श्री काशी विश्वनाथ मंदिर पर वर्ष 1194 से लेकर 1669 तक कई बार हमले हुए। 1777 से 1780 के बीच मराठा साम्राज्य की महारानी अहिल्याबाई होलकर ने मंदिर का जीर्णोद्धार कराया था। ढाई दशक बाद पीएम मोदी ने आठ मार्च 2019 को मंदिर के इस भव्य दरबार का शिलान्यास किया था।
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