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यूपी: रोहिंग्या ने बनवा लिया था वोटर आईडी, वोट भी डालता रहा, पूछताछ में एटीएस को मिले कई अहम सुराग

Fri, 19 Mar 2021 04:56 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
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उन्नाव में एटीएस ने मारा था छापा - फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश के उन्नाव में अवैध तरीके से रहकर मानव तस्करी में लिप्त रोहिंग्या शाहिद से पूछताछ में एटीएस को कई अहम सुराग मिले हैं। उसने आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक में खाता, एटीएम व पासपोर्ट के साथ ही अलीगढ़ से 2010 में अपना वोटर आईडी भी बनवा लिया था। इस वोटर आईडी से वह वोट भी डालता रहा। एटीएस ने रोहिंग्या शाहिद के किराये के घर कासिम नगर पहुंचकर पत्नी से शाहिद का अलीगढ़ से बना वोटर आईडी कार्ड बरामद कर लिया है।

 
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साहिल मोहम्मद - फोटो : amar ujala
सूत्रों के अनुसार एटीएस ने पत्नी से यह जानने की कोशिश की कि शाहिद ने इस वोटर आईडी कार्ड से कितनी बार वोट डाला। जांच में यह भी सामने आया कि शाहिद की राजनीति में भी काफी दिलचस्पी थी। अपने मनचाहे प्रत्याशी को वोट डलवाने के लिए उसने म्यांमार से अलीगढ़ पहुंचे अन्य साथियों के भी वोटर आईडी कार्ड बनवाए थे। वर्ष 2017 में वह पत्नी व बच्चों को अलीगढ़ में ही छोड़कर उन्नाव आ गया और आधार कार्ड के जरिये अचलगंज के बंथर स्थित स्लाटर हाउस में काम कर फैक्टरी में मिले कमरे में रहने लगा था। बाद में पत्नी और बच्चों को लाकर किराये के मकान में रहने लगा था।

 
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साहिल मोहम्मद - फोटो : amar ujala
अलीगढ़ में खोला था बैंक खाता 
शाहिद ने फर्जी दस्तावेजों के जरिये अलीगढ़ की सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में अपना खाता खुलवाया था। उसने एटीएम भी वहीं से लिया। पांच लाख से अधिक की राशि इकट्ठा होने पर ही जमा करने उन्नाव से अलीगढ़ जाता था। 28 फरवरी को एटीएस के छापे में उसके घर से बरामद पांच लाख रुपये अलीगढ़ की बैंक में जमा करने के लिए घर पर लाकर रखे थे। एक मार्च को उसे रुपये जमा करने अलीगढ़ जाना था। इससे पहले ही एटीएस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। 

 

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साहिल मोहम्मद की पत्नी - फोटो : amar ujala
शाहिल मोहम्मद से बना शाहिद 
म्यांमार से भारत आने के लिए शाहिद ने संयुक्त राष्ट का शरणार्थी कार्ड भी बनवाया था। दिल्ली से यह कार्ड 3 जून 2010 को जारी हुआ। इसकी अवधि 31 दिसंबर 2011 तक थी। शरणार्थी कार्ड में शाहिद का नाम शाहिल मोहम्मद पड़ा है। आशंका है कि कार्ड की समय सीमा समाप्त होने के बाद उसने फर्जी दस्तावेजों के जरिये खुद का नाम शाहिद रख लिया और अलीगढ़ से उन्नाव आकर मानव तस्करी में लिप्त हो गया। 

 
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संयुक्त राष्ट्र का पत्र - फोटो : amar ujala
 शाहिद की पत्नी म्यांमार की रहने वाली है। इसके प्रमाण एटीएस को मिल गए हैं। जांच के दौरान एटीएस को उसका म्यांमार में बनवाया गया आईडी मिला है। उसने एटीएस को बताया है कि वह बड़ी बहन के साथ 10 साल पहले बांग्लादेश के रास्ते अलीगढ़ पहुंची थी। वहां बहन के साथ एक फैक्टरी में नौकरी करने लगी थी। उसी फैक्टरी में उसका संपर्क शाहिद से हुआ और दोनाें ने निकाह कर लिया। 
 
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