उन्नाव में असोहा कांड के सह आरोपी की उम्र को लेकर फंसा पेंच सुलझता नजर आ रहा है। खुलासे के बाद आधार कार्ड में दर्ज उम्र से पुलिस ने उसे बालिग करार देते हुए मुख्य आरोपी के साथ जेल भेजा था। पिता की आपत्ति पर पुलिस ने स्कूल के प्रपत्रों के आधार पर अब उसे नाबालिग मान लिया है। एक-दो दिन में पुलिस इस बाबत न्यायालय में प्रार्थनापत्र देगी।
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- फोटो : अमर उजाला
सीओ के अनुसार न्यायालय का आदेश मिलते ही उसे जिला जेल से बाल सुधार गृह भेजा जाएगा। असोहा थाना क्षेत्र के एक गांव में बुआ-भतीजी की हत्या व चचेरी बहन की हत्या के प्रयास में पुलिस ने 19 फरवरी को पड़ोसी गांव पाठकपुर निवासी मुख्य आरोपी विनय व उसके नाबालिग दोस्त (सह आरोपी) को गिरफ्तार किया था।
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उन्नाव: बुआ-भतीजी की हत्या का मामला
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मुख्य आरोपी विनय ने दोस्त की मदद से तीनों को पानी में जहर मिलाकर पिलाए जाने की बात स्वीकार की थी। पुलिस ने खुलासे के वक्त सह आरोपी को नाबालिग बताया था। पर अगले दिन 20 फरवरी को सह आरोपी के आधार कार्ड में उसकी उम्र 19 साल दर्ज होने से उसे बालिग बता मुख्य आरोपी के साथ अस्थायी जेल भेजा था।
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उन्नाव: बुआ-भतीजी की हत्या का मामला
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जहां से 28 फरवरी को आरटीपीसीआर रिपोर्ट निगेटिव आने पर दोनों आरोपियों को जिला कारागार भेजा गया था। सह आरोपी के पिता ने स्कूल के प्रपत्रों के आधार पर बेटे की उम्र 14 वर्ष बता उसे नाबालिग करार दिया था। हालांकि पुलिस ने विवेचना में इस बिंदु को शामिल करने की बात कही थी।
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सीओ रमेश चंद्र प्रलयंकर ने बताया कि सह आरोपी के स्कूल के प्रपत्र प्राप्त किए गए हैंजिसमें उसकी उम्र 2007 दर्ज है। इससे उसकी उम्र 14 साल की है। बताया कि विवेचक द्वारा एक दो दिन में न्यायालय में सह आरोपी की उम्र को लेकर प्रमाण समेत एक प्रार्थनापत्र सौंपा जाएगा। न्यायालय के आदेश पर सह आरोपी को जिला कारागार से निकाला जाएगा।
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जल्दबाजी में नियमों का हुआ उल्लंघन
अधिवक्ता कृपाशंकर सिंह ने बताया कि आधार कार्ड में दर्ज उम्र से आरोपी को बालिग या नाबालिग नहीं ठहराया जा सकता है। स्कूल के प्रपत्रों को उम्र का आधार माना जाता है। इन्हीं प्रपत्रों को न्यायालय भी स्वीकार करती है। खुलासे की जल्दबाजी में पुलिस ने गंभीरता से विचार किए बिना नाबालिग को कैदियों के बीच जेल भेज दिया। जबकि उसे बाल सुधार गृह भेजा जाना चाहिए था। बताया कि आरोपी नाबालिग है तो अब उसका मुकदमा जुवेनाइल जस्टिस कोर्ट में चलेगा।
एक सप्ताह में लगेगी चार्जशीट
सीओ रमेश चंद्र प्रलयंकर ने बताया कि असोहा कांड के आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए सभी साक्ष्यों को संकलित किया जा रहा है। लगभग एक सप्ताह में चार्जशीट लगाई जाएगी।