उन्नाव के बीघापुर तहसील के बक्सर घाट पर नदी के किनारे व नदी के बीच रेत के टीले पर दफनाए गए शव नदीं में पहुंचने की घटना के बाद प्रशासन सतर्क हुआ है। प्रशासन ने जिले के सभी श्मशान घाट पर शव दफनाने पर रोक लगा दी है। सिर्फ हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार आवश्यक होने पर ही सुरक्षित तरीके से शव दफनाए जाएंगे। अन्य सभी का दाह संस्कार किया जाएगा। गंगा में शव प्रवाहित भी नहीं किए जाएंगे। निगरानी के लिए एसडीआरएफ (राज्य आपदा मोचन बल) की 18 सदस्यीय टीम को लगाया गया है। शनिवार को सभी तहसीलों के एसडीएम और सीओ ने अपने क्षेत्र के श्मशान घाटों का निरीक्षण किया। डीएम रवींद्र कुमार ने सभी एसडीएम से कहा है कि किसी भी तहसील क्षेत्र में शवों का जल प्रवाह किसी भी दशा में न होने पाए। कोविड-19 से मृत्यु होने की दशा में प्रोटोकाल का अनुपालन सुनिश्चित कराते हुए अंतिम संस्कार कराए जाएं।
विज्ञापन
2 of 5
रेत के टीले मे दफन हैं सैकड़ों शव
- फोटो : amar ujala
यदि परंपरागत तरीके से शव दफनाए जाते हैं तो वह पर्याप्त गहराई में ही दफनाए जाएं। शव या कोई अंग जमीन से बाहर न निकले। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि इन स्थलों पर कोई जानवर व कुत्ते न जाने पाए। घाटों की निगरानी के लिए एसडीआरएफ की 18 सदस्यीय टीम को बुलाया गया है।
विज्ञापन
3 of 5
शवों से कफन हटाते लोग
- फोटो : amar ujala
निरीक्षक एसके राय के नेतृत्व में शुक्रवार रात को शुक्लागंज पहुंची टीम ने गंगाघाट कोतवाली प्रभारी अरविंद सिंह से संपर्क किया। शनिवार सुबह निकली टीम ने शुक्लागंज, परियर और जाजमऊ घाट तक कई भ्रमण किया। उधर, एसडीएम बांगरमऊ दिनेश कुमार ने राजस्व टीम के साथ सरैया घाट का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि गंगा में कोई शव बहता नही पाया गया। दफनाए गए शवों को भी सही पाया गया। निरीक्षण के दौरान सीओ सफीपुर बीनू सिंह, तहसीलदार रश्मि सिंह, एडीओ पंचायत हेमंत कुमार मौजूद रहे।
4 of 5
शवों को फिर से दफन करने के लिए खुदाई करता कर्मचारी
- फोटो : amar ujala
संक्रमितों के अंतिम संस्कार के लिए जमीन चिह्नित
कोरोना संक्रमित शवों का सुरक्षित तरीके से अंतिम सस्कार करने के लिए बक्सर घाट पर प्रशासन ने छह बीघा जमीन चिन्हित की है। यह जमीन गंगा से उचित दूरी पर स्थित है। कोविड संक्रमितों के शवों के अंतिम संस्कार के लिए प्रत्येक गंगाघाट पर अलग स्थान निर्धारित किया गया है। इसके लिए घाट पर बोर्ड भी लगवाया गया। पंडों से कहा गया है कि यदि कोविड संक्रमित का शव आए तो उसका निर्धारित स्थल पर ही दाह संस्कार कराएं।
नजारा देख कांप गई पुलिस वालों की रूह
- फोटो : amar ujala
जिला पंचायतराज अधिकारी (डीपीआरओ) राजेंद्र प्रसाद यादव शनिवार को परियर घाट पहुंचे। उन्होंने घाट का निरीक्षण करके साफ, सफाई की व्यवस्था देखी। डीपीआरओ ने बताया कि बांगरमऊ के नानामऊ घाट से बक्सर तक अंतिम संस्कार के लिए 21 घाट चिह्नित किए गए हैं। उधर, एसडीएम बीघापुर दयाशंकर पाठक और सीओ कृपाशंकर कनौजिया ने गंगा में निगरानी के लिए मोटर बोट से बीस किमी क्षेत्र का निरीक्षण किया।