उत्तर प्रदेश विधानसभा की सबसे अंतिम सीट दुद्धी जनजाति के लिए आरक्षित है। इस सीट पर विजय सिंह गोंड का शुरू से वर्चस्व रहा है। वह यहां से कुल आठ बार विधायक रहे। इसमें अलग-अलग दलों से सात बार वह लगातार जीते। मुलायम सिंह यादव की सरकार में राज्य मंत्री भी रहे। दो बार आरक्षण के चलते चुनाव मैदान से भले ही दूर हुए, लेकिन उसी की हुई, जिसे विजय सिंह का समर्थन मिला। वर्ष 2017 और 2022 के चुनाव में मामूली वोटों से हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन 2024 में हुए उपचुनाव में फिर विधायक की कुर्सी पा ली थी।