इसके पूर्व अपराधियों ने कई दफा मोबाइल पर लेवी के लिए धमकी दी थी। भारतीय पब्लिक कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी ने वीआरएस कंपनी के साइड इंजीनियर नागेंद्र सिंह का अपहरण करने और बाद में मुक्त करने की जिम्मेेदारी ली थी। संगठन के स्वयंभू जोनल प्रभारी नितेश कुमार ने फोन पर इंजीनियर के अपहरण की जिम्मेदारी लेते हुये कहा था कि सड़क निर्माण करा रहे ठेकेदार के द्वारा लेवी नहीं देने, भूमि अधिग्रहण का मुआवजा अब तक नहीं देने, घटिया निर्माण करने एवं निर्माण कार्य को रोक के बावजूद कंपनी के द्वारा कार्य करने के कारण इंजीनियर का अपहरण किया गया था।