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आखिर कुकर्मों की मिली सजा: भजन गायक के परिवार पर काल बनकर टूट पड़ा था हिमांशु, मासूम बच्चों को भी नहीं बख्शा

Wed, 22 May 2024 05:35 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शामली
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अजय पाठक हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
30 दिसंबर 2019 की रात उत्तर प्रदेश के शामली में थाना आदर्श मंडी की पंजाबी कॉलोनी में हुई वारदात ने हर किसी को हिलाकर रख दिया था। यहां रहने वाले प्रसिद्ध भजन गायक अजय पाठक और उसके परिवार पर भजन गायक का शिष्य हिमांशु सैनी काल बनकर टूट पड़ा था। हिमांशु सैनी ने जिसे अपना गुरु माना उसी की जान का दुश्मन बन बैठा। भजन गायक ने शायद ही यह सोचा होगा कि जिस किशोर को वह शिष्य के रूप में स्वीकार कर रहे हैं वहीं उनकी मौत का कारण बन जाएगा। उसने अजय पाठक समेत पूरे परिवार को खत्म कर डाला था। आज साढ़े चार वर्ष बाद चौहरे हत्याकांड में कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए आरोपी को सजा सुनाई है। 

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भजन गायक व उनकी पत्नी - फोटो : अमर उजाला
जागरण मंडली में शामिल उनके सबसे नजदीकी कलाकार व शिष्य हिमांशु सैनी ने अपने गुरु अजय पाठक की सोते हुए तलवार से काटकर हत्या कर दी थी। इसके बाद उनकी पत्नी स्नेह लता और मासूम बेटी वसुंधरा और बेटे भागवत की भी हत्या कर दी थी।

 
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भजन गायक का परिवार - फोटो : अमर उजाला
हिमांशु गांव झारखेड़ी, कैराना का रहने वाला है और करीब ढाई साल से अजय पाठक की भजन मंडली में काम कर रहा था। उनके घर भी उसका आना जाना था और रात में वहीं रुक जाता था। हिमांशु की आर्थिक हालत ठीक नहीं थी, एक बैंक ने पांच लाख रुपये का ऋण अदा न करने पर रिकवरी नोटिस जारी किया हुआ है। कई और लोगों की भी उस पर देनदारी थी, जिससे वह मानसिक तनाव में था।

 

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आरोपी हिमांशु को लेकर जाती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने इस वारदात का खुलासा करते हुए बताया था कि लूट के इरादे से हत्या की गईं थीं। पुलिस ने हत्या के खुलासे के दौरान यह भी दावा किया कि अजय पाठक पर हिमांशु के 60 हजार रुपये थे, मांगने पर वो उसे बेइज्जत करते थे। इसी से क्षुब्ध होकर उसने यह वारदात की।

हिमांशु ने पुलिस को बताया कि अजय पाठक पर भी उसके करीब 60 हजार रुपये चाहिए थे। मांगने पर वह उसे अपशब्द कहते और दूसरों के सामने उसे बेइज्जत करते थे। इसलिए वह उनसे नफरत करने लगा था।
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आरोपी हिमांशु को लेकर जाती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
30 दिसंबर की रात हिमांशु अजय पाठक के घर पर ही था, रात में अजय पाठक के पैर दबाते हुए उसने अपनी कर्जदारी का हवाला देकर अपने रुपये मांगे, लेकिन पाठक ने उसे डांट दिया। इससे क्षुब्ध हिमांशु ने रात करीब तीन बजे मकान में रखी छोटी तलवार व चाकू उठाया और अजय पाठक, उनकी पत्नी स्नेहा, बेटी वसुंधरा व बेटे भागवत की हत्या कर दी। 
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आरोपी को कोर्ट लेकर जाती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
कार से शव ले जाकर फेंकने का था इरादा
एसपी ने बताया कि वारदात के बाद उसका इरादा चारों के शव कार में डालकर नष्ट करने का था। उसने भागवत का शव तो कार की डिक्की में डाल दिया लेकिन वसुंधरा का शव भारी होने की वजह से नहीं डाल पाया। दिन निकलने लगा तो वसुंधुरा के शव को घसीटकर कमरे में ले गया और उस पर रजाई डालकर कमरे का ताला लगा दिया। अजय और उनकी पत्नी के शव पर भी कंबल डालकर कार लेकर फरार हो गया। उसका इरादा अगले दिन फिर से आकर बाकी तीन शवों को ठिकाने लगाने का था लेकिन इससे पहले ही वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
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आरोपी हिमांशु को लेकर जाती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
सबूत मिटाने के लिए लगाई थी कार में आग
खुद को घिरता देख सबूत नष्ट करने के उदेश्य से ही पानीपत टोल प्लाजा के पास अजय पाठक की कार में आग लगाई थी। पानीपत पुलिस ने पहुंचकर फायर ब्रिगेड बुलाकर आग बुझाई, इस बीच शामली पुलिस भी वहां पहुंच गई और डिक्की से भागवत का शव बरामद कर लिया।
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आरोपी हिमांशु को लेकर जाती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
हत्यारे के चेहरे पर नहीं था कोई शिकन, नहीं था हत्याओं का पछतावा
बुधवार को फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद, परिजनों ने हत्यारे से कहा कि बच्चों और भाई को मार दिया, हत्यारा हाथ उठाकर बोला, हां मार दिया। हत्याकांड को अंजाम देने के बाद भी आरोपी के चेहरे पर शिकन और कोई भी पछतावा नहीं था।
 
चौहरे हत्याकांड में फांसी की सजा मिलने के बाद पुलिस हत्यारे हिमांशु सैनी को लेकर जा रही थी। इसी बीच अजय पाठक के परिजनों ने कहा कि भाई और बच्चे को मार दिया, जिस पर हत्यारे ने हाथ उठाकर कहा कि हां मार दिया। कोर्ट से लेकर कोर्ट के बाहर जाने तक हत्यारे के चेहरे पर कोई भी शिकन नहीं थी। वह जिस तरह से पहले कोर्ट में पेश होता था, उसी तरह बिना किसी टेंशन के जाता नजर आया।
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