आरोपी हिमांशु को लेकर जाती पुलिस
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हत्यारे के चेहरे पर नहीं था कोई शिकन, नहीं था हत्याओं का पछतावा
बुधवार को फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद, परिजनों ने हत्यारे से कहा कि बच्चों और भाई को मार दिया, हत्यारा हाथ उठाकर बोला, हां मार दिया। हत्याकांड को अंजाम देने के बाद भी आरोपी के चेहरे पर शिकन और कोई भी पछतावा नहीं था।
चौहरे हत्याकांड में फांसी की सजा मिलने के बाद पुलिस हत्यारे हिमांशु सैनी को लेकर जा रही थी। इसी बीच अजय पाठक के परिजनों ने कहा कि भाई और बच्चे को मार दिया, जिस पर हत्यारे ने हाथ उठाकर कहा कि हां मार दिया। कोर्ट से लेकर कोर्ट के बाहर जाने तक हत्यारे के चेहरे पर कोई भी शिकन नहीं थी। वह जिस तरह से पहले कोर्ट में पेश होता था, उसी तरह बिना किसी टेंशन के जाता नजर आया।