फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

PHOTOS: आकाश का शव देख फूट पड़ा गुस्सा, महिलाओं में मची चीख-पुकार, मां बोली- खून का बदला चाहिए खून

Fri, 03 Jun 2022 12:13 AM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, शामली
विज्ञापन
1 of 9
हंगामा करते परिजन। - फोटो : amar ujala
शामली में पोस्टमार्टम के बाद परिजन आकाश का शव एंबुलेंस में लेकर सीधे कोतवाली पहुंचे और जमकर हंगामा किया। कोतवाली के सामने जाम लगाकर धरने पर बैठ गए। पुलिस और मौके पर पहुंचे नेताओं ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माने और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे। करीब 9.30 बजे शव लेकर शिव चौक पहुंचे और वहां जाम लगा दिया। रात 10:00 बजे तक हंगामा जारी रहा।

मेरठ से पोस्टमार्टम के बाद आकाश का शव एंबुलेंस में लेकर परिजन रवाना हुए तो कोतवाली पर एकत्र होने शुरू हो गए। जैसे ही एंबुलेंस कोतवाली पहुंची तो महिलाओं में चीख-पुकार मच गई। मौके पर मौजूद लोगों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। सीओ जितेंद्र कुमार और तहसीलदार संत कुमार मौके पर पहुंच गए। पूर्व चेयरमैन अरविंद संगल, विनोद कौशिक, उपेंद्र द्विवेदी, विवेक प्रेमी आदि भी पहुंचे।
विज्ञापन

2 of 9
फोर्स तैनात। - फोटो : amar ujala
उन्होंने अधिकारियों के साथ मिलकर परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन परिजन आरोपी भाजपा नेता और आकाश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने वाली युवती व उसके पिता की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे। काफी देर तक कोतवाली के बाहर हंगामा होता रहा। करीब साढ़े नौ बजे परिजन एंबुलेंस में ही शव लेकर शिव चौक के लिए चल दिए और वहां पहुंचकर मार्ग जाम कर दिया। 
विज्ञापन

3 of 9
हंगामा करते परिजन। - फोटो : amar ujala
पुलिस ने पैसे के लेन-देन का मामला छेड़छाड़ का बना दिया
आकाश की मां गीता ने आरोप लगाया कि भाजपा नेता के दबाव में पुलिस ने पूरा मामला ही पलट दिया। युवती के पिता को एक साल पहले एक लाख रुपये उधार दिए थे। जिन्हें वह लौटा नहीं रहा था। पैसे मांगने पर उनके साथ मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी मिली। पुलिस ने उनकी एक नहीं सुनी और भाजपा नेता के दबाव में मामले को छेड़छाड़ का बनाकर उनके निर्दोष बेटे को जेल भेज दिया। 

4 of 9
विलाप करते परिजन। - फोटो : amar ujala
हमें खून का बदला खून चाहिए
आकाश का शव पहुंचने के बाद परिजन बिलख पड़े। पुलिस पर आकाश की हत्या करने का आरोप लगाते रहे। वह आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। इस दौरान आकाश की मां ने चीखते हुए कहा कि हम पुलिस के बहकावे में नहीं आएंगे। हमें खून का बदला खून चाहिए। 
विज्ञापन

5 of 9
परिजनों को समझाती पुलिस। - फोटो : amar ujala
हमें पुलिस पर बिल्कुल नहीं भरोसा 
पुलिस अधिकारियों के साथ शहर के कई नेता पीड़ित परिजनों को समझाने का प्रयास कर रहे थे। उन्होंने आकाश के बड़े भाई राहुल से बात करके आश्वासन दिया कि इस मामले में जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्हें शव घर ले जाकर अंतिम संस्कार करने के लिए कहा, लेकिन राहुल ने कहा कि हमें पुलिस पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं है। जिसके बाद मौके पर एकत्र लोग नारेबाजी करते हुए शिव चौक पर जाम लगाने के लिए चल दिए। 
विज्ञापन

6 of 9
विलाप करते परिजन। - फोटो : amar ujala
दलालों के सामने किसी की नहीं सुनती पुलिस
कोतवाली के सामने हंगामा करते हुए पीड़ित परिजनों ने पुलिस अफसरों को खरी-खरी सुनाई। आरोप लगाया कि पुलिस दलालों के सामने किसी की नहीं सुनती। हम थाने आए तो पुलिस ने एक नहीं सुनी। पुलिस बिना पैसे लिए कोई कार्य नहीं करती। यदि हम भी पैसे दे देते तो पुलिस हमारा भी मुकदमा दर्ज कर लेती।
विज्ञापन

7 of 9
हंगामा करते परिजन। - फोटो : amar ujala
कई थानों की फोर्स मौके पर बुलाई
कोतवाली पर आकाश का शव पहुंचने पर जब हंगामा शुरू हुआ तो लोगों का आक्रोश देख पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। मौके पर झिंझाना, गढ़ीपुख्ता, आदर्श मंडी, महिला थाने की पुलिस और पीएसी के जवानों को बुला लिया गया। कोतवाली के गेट पर भी पुलिस फोर्स लगा दी गई। पुलिस को डर था कि भीड़ कोतवाली में घुसकर बवाल न कर दे।

8 of 9
विलाप करते परिजन। - फोटो : amar ujala
यातायात किया स्थानांतरित
शिव चौक पर जाम लगने के बाद शहर में जाम लगने के हालात उत्पन्न हो गए। जिसके बाद पुलिस ने यातायात को मेरठ-करनाल मार्ग पर स्थानांतरित कर दिया। विजय चौक और गुरुद्वारे की ओर से आने वाले वाहन मेरठ-करनाल मार्ग और रेलपार बाईपास होते हुए गुजरे। इस दौरान वाहन चालकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। 
विज्ञापन

9 of 9
विलाप करते परिजन। - फोटो : amar ujala
मुख्यमंत्री के आदेश भी नहीं मान रहे भाजपा नेता
आकाश के परिजनों ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में कहा था कि भाजपा नेता अनावश्यक थानों में न जाएं। लेकिन भाजपा नेता मुख्यमंत्री के आदेश भी नहीं मान रहे हैं। थानों में पुलिस के साथ मिलीभगत कर अनुचित कार्य करते हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें