सीएम योगी ने मंच से बोलते हुए कहा कि मुजफ्फरनगर में जब दो निर्दोष नौजवान मारे गए, तब इन लोगों को जाति नजर नहीं आ रही थी। वहां जब निर्दोष हिंदुओं के घर जलाए जा रहे थे, तब जातिवाद की राजनीति करने वालों को उनकी जाति नजर नहीं आई थी। योगी आदित्यनाथ कैराना क्षेत्र की नब्ज को भांपते हुए पूरे तेवर में नजर आए। उनका अधिकांश संबोधन हिंदुत्व और कानून व्यवस्था पर फोकस रहा।
योगी ने कहा बाबू हुकुम सिंह अब हमारे बीच नहीं हैं। उन्होंने यहां विकास और क्षेत्र के लोगों की पीड़ा को जोर-शोर से उठाया, उन्हें विनम्र श्रद्धांजली अर्पित करते हैं। उनके खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज होते थे और प्रताड़ित किया जाता था। तब की सरकार तालिबानी सोच को बढ़ावा देती थी। ऐसी मानसिकता को बढ़ावा देने वालों को मारीच व सुबाहु की तरह ही दुर्गति का शिकार होना पड़ेगा। पिछली सरकारों में कोई गरीब बीमार होता था, तो इलाज के लिए असहाय हो जाता था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आयुष्मान भारत के तहत पांच लाख तक का स्वास्थ्य बीमा दिया है, ताकि गरीब का इलाज भी संभव हो सके। 2017 से पहले शामली के लोग इलाज के लिए दिल्ली जाते थे। लेकिन भाजपा सरकार आने के बाद कोरोना काल में इलाज के लिए दिल्ली से शामली भी आए। अब शामली में मेडिकल कॉलेज के निर्माण की भी योजना है।