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खौफनाक हादसा: पहले सुहेब के जनाजे में हुए शामिल फिर सागर की अर्थी को दिया कंधा, दो दोस्तों की मौत पर रो उठा पूरा गांव

Mon, 06 Jun 2022 11:15 AM IST
Dimple Sirohi अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
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सागर बाएं व सुहेल दाएं - फोटो : amar ujala
उत्तर प्रदेश के शामली में नानौता क्षेत्र में कैराना निवासी दो दोस्तों की सड़क हादसे में मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। रविवार को दोनों का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान गांव में कोहराम मच गया। हिंदू मुस्लिम समुदाय के लोग पहले सुहेब के जनाने में शामिल हुए तो एक घंटे बाद ही सागर की अर्थी को कंधा दिया। 
 
कस्बे के मोहल्ला आल कलां निवासी रमेश चौहान का  पुत्र सागर चौहान (22) और मोहल्ले के ही इकबाल उर्फ बाला का पुत्र सुहेब (21) आपस में गहरे मित्र थे। दोनों शनिवार को देवबंद से वाया नानौता होते हुए कैराना आ रहे थे। नानौता में सहारनपुर से बाइक द्वारा कैराना आ रहा सागर का चाचा विनोद चौहान भी उन्हें मिल गया। विनोद बाइक खड़ी करके दोनों के लिए जूस लेने चला गया। इसी दौरान तेज गति से आ रहे डंफर ने दोनों को टक्कर मार दी। सुहेब की घटना स्थल पर ही मौत हो गई, जबकि सागर ने अस्पताल जाते समय दम तोड़ दिया। 
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सागर - फोटो : amar ujala
एक दोस्त का उठा जनाजा तो दूसरे की अर्थी 
नानौता में शनिवार को हुए सड़क हादसे में दो दोस्तों की मौत के बाद रविवार सुबह दोनों के शव कैराना लाए गए, तो कस्बा रो उठा। पहले एक दोस्त का जनाजा उठा तो कुछ देर बाद दूसरे दोस्त की अर्थी उठी। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

 
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सुहेब - फोटो : amar ujala
सहारनपुर जिले के नानौता में शनिवार को सड़क हादसे में विनोद चौहान के भतीजे सागर और उसके दोस्त सुहेब की मौत हो गई थी। रात में ही सहारनपुर में पोस्टमार्टम के बाद रविवार सुबह तीन बजे एक ही एंबुलेंस से दोनो के शव कैराना लाए गए। जिन्हें देखते ही परिजन बिलख बिलख कर रो पड़े।

 

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Sagar, suheb - फोटो : Amar ujala
दोनों दोस्तों के आवास एक ही मोहल्ले में हैं। सुहेब दो बहनों और दो भाइयो में सबसे बड़ा था। उसके पिता इकबाल एक किसान हैं। सागर चौहान की एक बड़ी बहन की शादी हो चुकी है, जबकि एक छोटा भाई है। सागर के पिता रमेश भी खेती करते है। इस हादसे से दोनों ही परिवारों पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा। सुहेब की बहनें व मां रोते हुए बार-बार बेहोश हो रही थीं। यही हाल सागर की बहन व मां का भी था।
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Sagar, suheb - फोटो : Amar ujala
रविवार सुबह छह बजे सुहेब का जनाजा उठा। जिसमें हिंदू-मुस्लिम दोनों समुदाय के सैकड़ों लोग मौजूद थे। टीचर कॉलोनी के पास कब्रिस्तान में गमगीन माहौल में शव को सपुर्द-ए-खाक कर दिया। इसके कुछ देर बाद सुबह सात बजे सागर चौहान की अंतिम यात्रा में भी हिंदू-मुस्लिम दोनों समुदाय के लोग मौजूद रहे।
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Sagar, suheb - फोटो : Amar ujala
अलीपुर रोड स्थित उनके खेत पर गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। दोनों ही दोस्तों का एक फोटो जिसमें दोनों साथ खड़े हंसते नजर आ रहे हैं, जो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है।
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