रोते बिलखते परिजन
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चला कि फैक्टरी में हुए धमाके में कई मजदूर तो 100 फीसदी तक झुलस गए थे। उनके शरीर का कोई अंग ऐसा नहीं है जो सलामत बचा हो। कई लोगों के साथ तो ऐसा हुआ कि धमाके के कारण उनके शरीर में पटाखे तीन इंच अंदर तक घुस गए। वहीं, सभी की मौत की सामान्य वजह यह थी कि भीषण आग की वजह से उनकी सांस की नलियां सिकुड़ गई थीं।